कानपुर के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह पर अभद्र टिप्पणी करने और भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. हरिदत्त नेमी को निलंबित कर दिया गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में हलचल मचा दी है।
इस मामले पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “ईमानदार ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकता है। कानपुर के डीएम और सीएमओ के बीच की टकराहट की सच्चाई सामने लाने के लिए उच्चस्तरीय, निष्पक्ष जांच आवश्यक है।”
डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने सीएमओ पर वित्तीय अनियमितताओं, अस्पतालों से वसूली और प्रशासनिक अव्यवस्थाओं का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। इसी के आधार पर सीएमओ को निलंबित कर दिया गया और उनके खिलाफ विजिलेंस जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही उन्हें लखनऊ महानिदेशालय से संबद्ध कर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की सचिव रितु माहेश्वरी ने गुरुवार को निलंबन आदेश जारी किया। इसके तुरंत बाद सीएमओ डॉ. नेमी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डीएम पर संगीन आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि डीएम लगातार उनसे पैसे की मांग करते रहे और ‘सिस्टम’ में आने की बात कहते रहे। जब उन्होंने ऐसा करने से इनकार किया तो निलंबन की संस्तुति कर दी गई।
डॉ. नेमी ने यह भी आरोप लगाया कि 16 दिसंबर 2024 को कार्यभार ग्रहण करने के बाद से डीएम हर बैठक में जाति सूचक शब्दों से उनका उत्पीड़न करते रहे।
इस बीच, श्रावस्ती के एसीएमओ डॉ. उदय नाथ को कानपुर का नया सीएमओ नियुक्त किया गया है। वहीं, डॉ. हरिदत्त नेमी अब अपने निलंबन के खिलाफ हाईकोर्ट जाने की तैयारी में हैं।
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