Bihar Politics: बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। पटना के प्रमुख चौक-चौराहों पर एक पोस्टर काफी चर्चा में है, जिसमें लिखा गया है — “मेरा बाप चारा चोर है”
बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे के बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव द्वारा दिया गया बयान राजनीतिक हलकों में आग की तरह फैल गया। तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमें पॉकेट पीएम और अचेत सीएम नहीं चाहिए,” जिसके बाद एनडीए नेताओं ने इस टिप्पणी को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का अपमान बताते हुए तेजस्वी को आड़े हाथों लिया।
तेजस्वी के इस बयान को लेकर एनडीए नेताओं में भारी नाराजगी है। भारतीय जनता पार्टी, जदयू और अन्य घटक दलों ने इसे राजनीतिक मर्यादा की सीमा पार करने वाला बताया है। जवाबी हमलों में अब सिर्फ जुबानी जंग नहीं, बल्कि पोस्टर और कार्टून के माध्यम से भी हमला किया जा रहा है।
पटना के प्रमुख चौक-चौराहों पर एक पोस्टर काफी चर्चा में है, जिसमें लिखा गया है — “मेरा बाप चारा चोर है” — और इसके साथ लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव का कार्टूननुमा चित्र भी लगाया गया है। यह पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, और समर्थक–विरोधी खेमों में तीखी बहस छिड़ गई है।
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एनडीए नेताओं का कहना है कि तेजस्वी यादव को अपने शब्दों पर माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि यह प्रधानमंत्री जैसे संवैधानिक पद का अपमान है। वहीं, राजद और विपक्षी दलों का कहना है कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है, और भाजपा बेवजह मुद्दा भटकाने का प्रयास कर रही है।
बिहार की राजनीति में पहले भी तीखे बयानबाजी और पोस्टर वॉर होते रहे हैं, लेकिन इस बार मामला प्रधानमंत्री को ‘पॉकेट पीएम’ कहने से ज्यादा गंभीर हो गया है। यह विवाद आगामी विधानसभा उपचुनावों और लोकसभा सत्र की राजनीति को और गर्माने वाला है।
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