योगी सरकार ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि टीबी के खिलाफ लड़ाई अब कागज़ों तक सीमित नहीं रहने वाली, बल्कि ज़मीन पर तेज़ और असरदार तरीके से लड़ी जाएगी। फरवरी से पूरे उत्तर प्रदेश में 100 दिवसीय सघन रोगी खोज अभियान शुरू किया जा रहा है, जिसका मकसद है एक-एक टीबी मरीज तक पहुँचना और बीमारी को जड़ से खत्म करना। यह अभियान प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र के लिए अब तक के सबसे बड़े प्रयासों में से एक माना जा रहा है।
इस अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों की जांच करेंगी। खास बात यह है कि जो लोग खुद अस्पताल नहीं जा पाते या लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, उन्हें भी इस अभियान के जरिए खोजा जाएगा। जैसे ही किसी मरीज में टीबी की पुष्टि होगी, उसका इलाज तुरंत शुरू कराया जाएगा, ताकि बीमारी आगे न फैल सके।
सरकार की रणनीति सिर्फ जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि इलाज को समय पर और पूरी गंभीरता के साथ पूरा कराने पर भी जोर दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि समय पर पहचान और सही इलाज से टीबी को पूरी तरह काबू में किया जा सकता है। इसी सोच के साथ यह 100 दिन का अभियान एक मिशन मोड में चलाया जाएगा।
इस मुहिम को सफल बनाने के लिए सिर्फ स्वास्थ्य विभाग ही नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों और अन्य विभागों को भी जोड़ा जा रहा है। पंचायत स्तर से लेकर शहरी इलाकों तक, सभी से सहयोग लिया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा मरीजों की पहचान हो सके। सरकार का मानना है कि जब समाज और सिस्टम साथ चलते हैं, तभी बड़ी बीमारियों पर जीत संभव होती है।
स्वास्थ्य महानिदेशक ने सभी जिलों के अपर निदेशकों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे दिए हैं कि अभियान में किसी भी तरह की ढिलाई न हो। जांच, रिपोर्टिंग और इलाज—हर स्तर पर तेजी और पारदर्शिता जरूरी होगी। जिलों को यह भी कहा गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान की निगरानी खुद करें।
ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरों की झुग्गी बस्तियों तक, उन क्षेत्रों पर खास नजर रखी जाएगी जहां टीबी का खतरा ज्यादा माना जाता है। सरकार चाहती है कि कोई भी मरीज छूटे नहीं और बीमारी की चेन को पूरी तरह तोड़ा जाए। इसके लिए आधुनिक जांच सुविधाओं और जागरूकता कार्यक्रमों को भी साथ-साथ चलाया जाएगा।
यह अभियान केवल बीमारी ढूंढने का नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता फैलाने का भी एक बड़ा मौका है। स्वास्थ्य कर्मी लोगों को टीबी के लक्षण, इलाज और सावधानियों के बारे में बताएंगे, ताकि डर और गलतफहमियों को दूर किया जा सके। सरकार का मानना है कि जागरूक नागरिक ही टीबी मुक्त समाज की नींव रख सकते हैं।
सरल शब्दों में कहें तो योगी सरकार अब टीबी पर निर्णायक प्रहार की तैयारी में है। 100 दिन का यह अभियान न सिर्फ मरीजों की पहचान करेगा, बल्कि उन्हें समय पर इलाज देकर नई जिंदगी देने की कोशिश भी करेगा। सरकार का साफ संदेश है टीबी से लड़ाई अब और तेज होगी और हर मरीज तक इलाज हर हाल में पहुँचेगा।
written by:- Anjali Mishra
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