back to top
Friday, March 6, 2026
17.8 C
Lucknow
HomeGovernmentसहारनपुर की गंगोह विधानसभा की सियासत में उठा भूचाल !

सहारनपुर की गंगोह विधानसभा की सियासत में उठा भूचाल !

सहारनपुर के गंगोह में भाजपा विधायक किरत सिंह पर गंभीर आरोपों को लेकर भाजपा महिला मोर्चा की जिला मंत्री कोमल गुर्जर द्वारा बुलाई गई महापंचायत ने पूरे इलाके में उथल-पुथल मचा दी है। कोमल गुर्जर ने विधायक पर समलैंगिक संबंध, नाबालिग लड़की के यौन शोषण और बीते तीन वर्षों से परिवार को मानसिक उत्पीड़न देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों से जुड़ा एक वीडियो भी उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किया है।

कोमल का आरोप है कि प्रशासन विधायक के दबाव में काम कर रहा है—न सिर्फ महापंचायत की अनुमति देने से इनकार किया गया, बल्कि उन्हें अपनी बात रखने से भी रोका गया। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने उनके समर्थकों पर बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज भी किया। प्रशासन की ओर से सफाई दी गई है कि जिले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा-163 लागू है, जिसके तहत बिना अनुमति कोई सार्वजनिक सभा आयोजित नहीं की जा सकती।

कोमल गुर्जर का दावा है कि उन्हें और उनके परिवार को डराने, धमकाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके समर्थकों के साथ मारपीट कर उन्हें हिरासत में लिया गया। वहीं, विधायक समर्थकों का कहना है कि यह पूरा विवाद एक सुनियोजित साजिश है, जिसे भाजपा विरोधी गुटों द्वारा विधायक किरत सिंह की छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से रचा गया है।

26 जून को आयोजित गुर्जर समाज की बैठक में कोमल के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। वक्ताओं ने कहा कि विधायक को बदनाम करना समाज के गौरव को ठेस पहुंचाने जैसा है। बढ़ते तनाव के बीच पुलिस को पंचायत स्थल और मार्गों पर भारी सुरक्षा बल तैनात करने पड़े और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज का सहारा भी लेना पड़ा।

Also Read: चुनाव आयोग का नया आदेश: अब 45 दिन बाद डिलीट होंगे वीडियो, बढ़ी राजनीतिक हलचल

कोमल गुर्जर ने यह भी दावा किया है कि उनके पास विधायक के अवैध कार्यों और अनुचित संबंधों से जुड़े प्रमाण मौजूद हैं, जिन्हें वह जल्द सार्वजनिक करेंगी। उन्होंने बताया कि ये सबूत कई स्थानों पर सुरक्षित रखे गए हैं ताकि प्रशासन या विधायक उन्हें नष्ट न कर सकें। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने जबरन उन्हें पकड़ने की कोशिश की, उनके गहने और मोबाइल फोन छीन लिए गए, और उनके परिजनों को धमकाया गया।

इस पूरे घटनाक्रम ने गंगोह की राजनीति को हिला कर रख दिया है। भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच मतभेद उभरते नजर आ रहे हैं, जबकि पार्टी नेतृत्व की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विधायक किरत सिंह ने भी अब तक सार्वजनिक रूप से इन आरोपों का खंडन नहीं किया है।

यदि कोमल गुर्जर द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होती है और वे सही पाए जाते हैं, तो यह मामला गंभीर कानूनी मोड़ ले सकता है और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई भी हो सकती है।

प्रशासन पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि एक महिला पदाधिकारी की बात को गंभीरता से न लेकर उसकी आवाज को दबाया गया। कोमल गुर्जर का कहना है कि यह लड़ाई उन्होंने अपने सम्मान, समाज और महिलाओं की आवाज़ के लिए छेड़ी है और वह किसी भी दबाव के आगे झुकेंगी नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर जेल भी जाना पड़े, तो वह पीछे नहीं हटेंगी।

उनका यह भी कहना है कि यदि भाजपा सच में “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” के सिद्धांतों का पालन करती है, तो उसे इस पूरे प्रकरण पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। जिस प्रकार से समाज में विभाजन की स्थिति पैदा हो रही है और महापंचायत को लेकर तनाव बढ़ा है, वह स्थानीय राजनीति को एक संवेदनशील मोड़ की ओर ले जा सकता है। यदि समय रहते प्रशासन निष्पक्ष जांच और संवाद स्थापित नहीं करता, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )

Livenewsx
Livenewsxhttp://www.livenewsx.in
we are digtal news platform.we are covering social facts politics national international news breaking
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments