LUCKNOW
1 मार्च से 5 मार्च 2027 तक गणना का पुनरीक्षण होगा, जबकि बेघर लोगों की गिनती 28 फरवरी को सूर्यास्त के बाद पूरे देश में एक साथ की जाएगी।
जनगणना में 6 लाख कार्मिक होंगे शामिल
प्रदेश में जनगणना कार्य के लिए करीब 6 लाख कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी, जिनमें:
5 लाख प्रगणक (Enumerator)
84 हजार सुपरवाइजर
12 हजार राज्य व जिला स्तरीय अधिकारी
शामिल होंगे। इन सभी को दोनों चरणों से पहले तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।]
राजस्व गांव से लेकर सेना तक – हर स्तर पर होगी गणना
गणना कार्य प्रदेश के 18 मंडल, 75 जनपद, 350 तहसील, 17 नगर निगम, 745 अन्य शहरी निकाय, 21 छावनी परिषद, 1.04 लाख राजस्व ग्राम, वन ग्राम और अर्द्ध सैनिक बल, जेल जैसे विशेष क्षेत्रों में किया जाएगा।\
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डिजिटल जनगणना की नई पहल: मोबाइल ऐप और सीएमएमएस पोर्टल
इस बार जनगणना डिजिटल मोड में की जाएगी। इसके लिए एक सुविधाजनक मोबाइल ऐप तैयार किया गया है, जिसे प्रगणक अपने निजी मोबाइल फोन पर डाउनलोड कर डेटा एकत्र करेंगे।
गणना की निगरानी के लिए ‘सेंसस मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (CMMS) पोर्टल’ भी विकसित किया गया है, जिससे प्रदेश स्तर से लेकर ग्राम/वार्ड स्तर तक की गतिविधियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी।\
उत्तर प्रदेश की अनुमानित जनसंख्या 25.70 करोड़
जनगणना अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश की वर्तमान अनुमानित जनसंख्या करीब 25 करोड़ 70 लाख है। यह जनगणना न केवल प्रशासनिक योजना में अहम भूमिका निभाएगी, बल्कि जातीय आंकड़ों के आधार पर सामाजिक न्याय से जुड़ी योजनाओं को भी दिशा देगी।
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