धर्मांतरण सिंडिकेट का शिकार हो चुकी कई लड़कियों की घर वापसी कराने के बाद, अब विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने एक और बड़ा कदम उठाया है। परिषद ने लखनऊ में ‘सनातन हेल्पलाइन कॉल सेंटर’ की शुरुआत कर दी है। इस कॉल सेंटर का उद्देश्य है– उन पीड़ितों तक पहुंचना जो धर्मांतरण के शिकार हुए हैं, विशेष रूप से महिलाएं, और उन्हें कानूनी, सामाजिक व मानसिक सहयोग देना।
कॉल सेंटर की व्यवस्था को राज्यवार डेस्कों में बांटा गया है, ताकि हर पीड़ित को उनके क्षेत्र और भाषा के अनुसार सहायता मिल सके। खास बात ये है कि महिलाओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए कॉल रिसीव करने के लिए महिला स्टाफ की विशेष तैनाती की गई है। कॉल सेंटर में कार्यरत महिला सदस्य, पीड़िताओं से सहानुभूति से बात कर रही हैं और उनकी परेशानियों को समझते हुए उन्हें सही दिशा दे रही हैं।
इस पहल के अंतर्गत, छांगुर अवैध धर्मांतरण सिंडिकेट और आगरा धर्मांतरण मामले से जुड़ी कई शिकायतें कॉल सेंटर को प्राप्त हो रही हैं। इन गंभीर मामलों को देखते हुए स्पेशल हेल्पलाइन नंबर भी सक्रिय कर दिए गए हैं। खासकर, आज ही एक धर्मांतरण से जुड़ी लड़की को लखनऊ से रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया, जिसमें कॉल सेंटर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
विश्व हिंदू रक्षा परिषद के अध्यक्ष गोपाल राय ने जानकारी दी कि उन्हें आगरा मामले से जुड़े कई फोन कॉल्स मिल रहे हैं। इन कॉल्स में खुलासा हुआ है कि धर्मांतरण के समय पीड़ितों को ज़ाकिर नाइक के वीडियो दिखाए गए, जिससे उन पर मानसिक दबाव बनाया गया। यही नहीं, कई पीड़ितों को शाहीन बाग ले जाकर वहां की विचारधारा से भी प्रभावित करने की कोशिश की गई।
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गोपनीयता बनाए रखते हुए कॉल सेंटर पीड़ितों को परामर्श, कानूनी सहयोग, और ज़रूरत पड़ने पर रेस्क्यू की सुविधा भी दे रहा है। यह कॉल सेंटर एक सेफ ज़ोन की तरह काम कर रहा है, जहां कोई भी पीड़ित अपने डर, अनुभव और संघर्ष को खुलकर साझा कर सकता है।
यह पहल धर्मांतरण के खिलाफ संगठित रूप से खड़ी हो रही जागरूकता का संकेत है। विश्व हिंदू रक्षा परिषद की यह कोशिश न सिर्फ पीड़ितों को सुरक्षा देने का प्रयास है, बल्कि यह एक बड़ा सामाजिक संदेश भी है कि अब ऐसे मामलों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में इस हेल्पलाइन की पहुंच और प्रभाव को और बढ़ाने की योजना है।
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