उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में समाजवादी पार्टी के नेता फरहाद आलम गड़ा पर दर्ज की गई FIR ने राजनीतिक हलकों में एक नई बहस छेड़ दी है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने घर पर “पीडीए पाठशाला” नाम से एक अनौपचारिक शिक्षण केंद्र शुरू किया था, जहाँ बच्चों को कथित रूप से “राजनीतिक एबीसीडी” सिखाई जा रही थी। इस पाठशाला में बच्चों को “A for Akhilesh”, “B for Babasaheb”, “D for Dimple” और “M for Mulayam Singh Yadav” जैसी राजनीतिक शब्दावली से परिचित कराया जा रहा था।
स्थानीय प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया और फरहाद आलम गड़ा के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया। पुलिस के अनुसार, यह गतिविधि बच्चों को राजनीतिक रूप से प्रेरित करने और शिक्षा के नाम पर प्रोपेगेंडा फैलाने का प्रयास है। FIR दर्ज होने के बाद फरहाद आलम गड़ा के घर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जबकि मामले की जांच जारी है।
यह मामला उस समय और गरमा गया जब समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस कार्रवाई को लेकर योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “जहां एक ओर बच्चों को जागरूक करना अपराध बना दिया गया है, वहीं दूसरी ओर नफरत और हिंसा फैलाने वाले खुलेआम घूम रहे हैं।” अखिलेश ने योगी सरकार पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि यह कार्रवाई सपा के बढ़ते जनाधार से बौखलाहट का नतीजा है।
दूसरी ओर, भाजपा नेताओं ने इस पूरे प्रकरण को बच्चों के साथ राजनीतिक खिलवाड़ बताया और सपा की मंशा पर सवाल उठाए। भाजपा प्रवक्ताओं का कहना है कि बच्चों को राजनीति का हिस्सा बनाना अनुचित है, खासकर जब वह पढ़ाई-लिखाई की उम्र में हैं। उनका दावा है कि समाजवादी पार्टी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है और इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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फरहाद आलम गड़ा की तरफ से भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि “पीडीए पाठशाला” का मकसद सिर्फ सामाजिक और संविधानिक विचारों से बच्चों को परिचित कराना था। उनका कहना है कि इस पाठशाला में बाबा साहेब अंबेडकर, महात्मा गांधी और संविधान की बात होती थी, न कि किसी पार्टी विशेष की। FIR को उन्होंने राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है।
इस घटनाक्रम ने न केवल सहारनपुर बल्कि पूरे प्रदेश में सियासी गर्मी बढ़ा दी है। जहां एक ओर विपक्ष सरकार पर हमलावर है, वहीं सरकार इसे कानून और बच्चों के भविष्य की सुरक्षा का मामला बता रही है। आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि दोनों पक्ष इसे अपने-अपने नजरिए से भुनाने की कोशिश में जुटे हैं।
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