तिरुवनंतपुरम के मैदान पर खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में भारतीय महिला टीम ने एक बार फिर अपना दबदबा साबित कर दिया। इस मुकाबले में भारत ने न सिर्फ श्रीलंका को 30 रनों से हराया, बल्कि सीरीज में 4-0 की अजेय बढ़त भी हासिल कर ली। मैच की शुरुआत से ही भारतीय बल्लेबाजों का इरादा साफ नजर आया और उन्होंने विपक्षी गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।
सलामी जोड़ी के रूप में उतरी स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पावरप्ले में ही तेजी से रन बटोरते हुए श्रीलंकाई गेंदबाजों की लय बिगाड़ दी। स्मृति की टाइमिंग और शेफाली की आक्रामकता ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया और टीम को मजबूत प्लेटफॉर्म मिला।
इसके बाद मैदान पर आईं ऋचा घोष ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाज़ी से मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया। उन्होंने कम गेंदों में ताबड़तोड़ रन बटोरते हुए श्रीलंकाई गेंदबाजी आक्रमण को बिखेर दिया। उनकी आक्रामक पारी ने भारत को 200 रन के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई और स्कोरबोर्ड पर 221 रनों का विशाल स्कोर टांग दिया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम ने भी अच्छी शुरुआत की, लेकिन भारतीय गेंदबाजों के सामने उनकी एक न चली। शुरुआती विकेट गिरने के बाद श्रीलंकाई बल्लेबाज दबाव में आ गए और लगातार अंतराल पर विकेट गंवाते रहे। हालांकि कुछ बल्लेबाजों ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन भारतीय गेंदबाजी के सामने 191 रन पर पूरी टीम सिमट गई।
इस जीत के साथ भारत ने न सिर्फ मैच जीता, बल्कि सीरीज में भी 4-0 की अजेय बढ़त बना ली। टीम इंडिया का आत्मविश्वास इस जीत के बाद सातवें आसमान पर नजर आया और पूरे टूर्नामेंट में उसकी बादशाहत साफ दिखी। हर विभाग में टीम का संतुलन और संयम देखने लायक रहा।
इस मुकाबले की सबसे बड़ी उपलब्धि रही स्मृति मंधाना का ऐतिहासिक रिकॉर्ड। उन्होंने इस मैच में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 10,000 रन पूरे किए और ऐसा करने वाली दुनिया की चौथी महिला क्रिकेटर बन गईं। उनसे पहले यह मुकाम केवल मिताली राज, सूज़ी बेट्स और शार्लट एडवर्ड्स जैसी दिग्गज खिलाड़ी ही हासिल कर पाई थीं।
स्मृति मंधाना की यह उपलब्धि भारतीय महिला क्रिकेट के लिए गर्व का क्षण है। उनकी निरंतरता, तकनीक और बड़े मंच पर प्रदर्शन करने की क्षमता ने उन्हें दुनिया की सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों की कतार में खड़ा कर दिया है। युवा खिलाड़ियों के लिए वह आज एक प्रेरणा बन चुकी हैं।
कुल मिलाकर यह मुकाबला भारतीय महिला क्रिकेट की मजबूती, आत्मविश्वास और भविष्य की झलक दिखाने वाला रहा। टीम इंडिया ने न केवल सीरीज में दबदबा बनाया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि आने वाले समय में वह विश्व क्रिकेट में किसी भी चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार है।
written by :- Anjali Mishra
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