भारत और न्यूजीलैंड के बीच 11 जनवरी से शुरू होने वाली वनडे सीरीज के लिए क्रिकेट प्रेमियों में जोश और उत्साह चरम पर है। पहला मुकाबला वडोदरा में खेला जाएगा और फैंस इस बात का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि क्या इस बार कीवी टीम भारत की धरती पर जीत का इतिहास लिख पाएगी या नहीं।
इतिहास की नजर डालें तो यह सवाल और भी रोचक हो जाता है। 1988 से अब तक दोनों टीमें भारत में सात वनडे सीरीज खेल चुकी हैं और हर बार नतीजा एक जैसा रहा है टीम इंडिया विजेता और न्यूजीलैंड हर बार हार का सामना करता रहा है। मतलब, पिछले 37 सालों से भारत की धरती पर कीवी टीम ने कोई भी बाइलेटरल ODI सीरीज नहीं जीती है।
भारत की यह जबरदस्त घरेलू ताकत टीम इंडिया की मजबूत बल्लेबाजी, तेज गेंदबाज़ों की कातिलाना गेंदबाजी और घरेलू परिस्थितियों की समझ का नतीजा रही है। हर बार विदेशी टीमों को भारतीय पिचों और मौसम की चुनौती का सामना करना पड़ा है और न्यूजीलैंड भी इससे अछूता नहीं रहा।
क्रिकेट विश्लेषक कहते हैं कि भारत में पिच की धीमी और घास वाली प्रकृति की वजह से कीवी टीम के तेज गेंदबाज़ों को अधिक मदद नहीं मिलती। इसके अलावा भारतीय बल्लेबाज़ों का घरेलू अनुभव और उनके लिए भीड़ का समर्थन हमेशा एक बड़ा फायदा रहा है। यही कारण है कि इतिहास लगातार भारत की झोली में रहा है।
हालांकि, इस बार सीरीज के नतीजे पर सबकी नजरें लगी हैं। कीवी टीम ने हाल के सालों में अपने खिलाड़ियों और तकनीक में काफी सुधार किया है। युवा तेज गेंदबाज़ और शक्तिशाली बल्लेबाज़ टीम को मजबूत बनाते हैं। लेकिन सवाल यही है क्या यह बदलाव भारत के खिलाफ मैदान पर असर दिखा पाएगा?
टीम इंडिया के लिए यह रिकॉर्ड बनाए रखना और अपने घर में जीत की परंपरा जारी रखना बेहद महत्वपूर्ण है। कप्तान और सीनियर खिलाड़ी पूरी ताकत के साथ टीम को मानसिक और तकनीकी रूप से तैयार कर रहे हैं। घरेलू फैंस की उम्मीदें भी इस बार अधिक हैं क्योंकि टीम इंडिया हमेशा की तरह घरेलू मैदान पर दबदबा बनाए रखना चाहती है।
फैंस और विशेषज्ञ दोनों इस बात को लेकर उत्साहित हैं कि क्या कीवी टीम आखिरकार भारत की घरेलू जमीन पर जीत का जादू तोड़ पाएगी। इतिहास ने कई बार दिखाया है कि घरेलू पिचों और मौसम के कारण विदेशी टीमों को मुश्किलें झेलनी पड़ती हैं, लेकिन क्रिकेट में हर मैच अलग कहानी कहता है।
सरल शब्दों में कहें तो भारत बनाम न्यूजीलैंड सीरीज सिर्फ एक क्रिकेट मैच नहीं, बल्कि 37 साल पुराने रिकॉर्ड और घरेलू दबदबे की कहानी है। हर गेंद, हर विकेट और हर रन इस सवाल का उत्तर देगा क्या इतिहास खुद को दोहराएगा या इस बार कुछ नया होगा?
कुल मिलाकर, इस वनडे सीरीज में रोमांच, उत्साह और पुराना रिकॉर्ड सब कुछ साथ में है। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह सिर्फ खेल नहीं, बल्कि भारतीय घरेलू शक्ति और कीवी चुनौती का असली मुकाबला साबित होने वाला है।
written by :- Anjali Mishra
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