विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के नए नियम भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में रहने वाली नेपाल मूल की बहुओं के लिए बड़ी मुसीबत बन गए हैं। पहले पति के नाम से उनकी पहचान मतदाता सूची में जुड़ जाती थी और उन्हें वोट देने का अधिकार आसानी से मिल जाता था, लेकिन अब नए नियमों के लागू होने के बाद उनकी SIR प्रक्रिया अधर में लटक गई है। इससे सैकड़ों महिलाएं वोट देने के अधिकार से वंचित होने की स्थिति में हैं।
सरिता पत्नी अखिलेश और रामवती पत्नी प्रदीप जैसी महिलाएं बताती हैं कि वे सालों से भारत में रह रही हैं, यहीं परिवार बसाया, बच्चे पाले और समाज की जिम्मेदारी निभाई, लेकिन अब नियमों के कारण उनकी पहचान और अधिकार दोनों ही सवालों के घेरे में आ गए हैं। उनके लिए यह सिर्फ वोट का अधिकार नहीं, बल्कि नागरिक अधिकार और सम्मान का मुद्दा बन गया है।
इन महिलाओं का कहना है कि उन्होंने हमेशा समाज के विकास और परिवार की भलाई में योगदान दिया, लेकिन अचानक बदलते नियमों ने उन्हें असहाय स्थिति में ला दिया है। उनकी परेशानी यह है कि उनकी नागरिकता की पुष्टि अब और कठिन हो गई है, और इससे उनकी सामाजिक सुरक्षा और राजनीतिक हिस्सेदारी पर असर पड़ा है।
विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया की जटिलताएं और कागजी कार्रवाई उन्हें अब तक वोटर सूची में जोड़ने से रोक रही हैं। अधिकारी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं इतनी लंबी और पेचीदा हो गई हैं कि आम नागरिक समझ ही नहीं पा रहे कि कैसे अपनी SIR पूरी कर पाएं।
सवाल उठता है कि क्या वर्षों से भारत में रह रही और परिवार की जिम्मेदारी निभा रही ये महिलाएं अपने अधिकारों से वंचित रह जाएंगी। उनकी आवाजें धीरे-धीरे समाज में उठ रही हैं, लेकिन समाधान अभी दूर नजर आता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे नियमों का मकसद सही नागरिकता की पुष्टि करना है, लेकिन इसका दायरा और क्रियान्वयन इतना सख्त और जटिल हो गया है कि वास्तविक जरूरतमंदों को नुकसान पहुँच रहा है।
सरिता और रामवती जैसी महिलाओं की कहानियां यह दिखाती हैं कि नियमों और कानूनों के बीच आम नागरिक कैसे फंस सकते हैं। यह मुद्दा न केवल प्रशासनिक है, बल्कि सामाजिक और मानवाधिकारों से जुड़ा हुआ है।
स्थानीय समुदाय और सामाजिक कार्यकर्ता अब इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और सरकार और प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि ऐसे नियमों में संशोधन हो ताकि सैकड़ों महिलाओं को उनके वोट और पहचान का अधिकार बहाल हो सके।
written by :- Anjali Mishra
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