जोहरान ममदानी, जो न्यूयॉर्क के मेयर हैं, ने ऐतिहासिक कोहिनूर हीरा को लेकर एक बड़ा बयान देकर अंतरराष्ट्रीय चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने कहा है कि अगर उन्हें ब्रिटेन के राजा किंग चार्ल्स तृतीय से मुलाकात का अवसर मिलता है, तो वे इस हीरे को भारत को वापस लौटाने की अपील करेंगे।
यह बयान उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया, जो 11 सितंबर के हमलों की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम से पहले हुआ था। हालांकि यह कार्यक्रम एक गंभीर और संवेदनशील अवसर था, लेकिन ममदानी की इस टिप्पणी ने वैश्विक स्तर पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है।
कोहिनूर हीरा लंबे समय से इतिहास, औपनिवेशिक विरासत और स्वामित्व को लेकर विवादों के केंद्र में रहा है। इसे लेकर विभिन्न देशों और ऐतिहासिक दस्तावेजों में अलग-अलग दावे और तर्क सामने आते रहे हैं।
ममदानी के बयान को कई लोग ऐतिहासिक न्याय और सांस्कृतिक विरासत की वापसी की मांग के रूप में देख रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसे प्रतीक केवल भौतिक संपत्ति नहीं, बल्कि किसी देश की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा होते हैं।
वहीं, कुछ विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में संवेदनशील मुद्दों को फिर से चर्चा में ला सकते हैं, खासकर जब यह ब्रिटेन जैसे देश से जुड़ा मामला हो।
भारत में भी कोहिनूर की वापसी की मांग समय-समय पर उठती रही है। यह मुद्दा केवल कानूनी नहीं बल्कि ऐतिहासिक और भावनात्मक पहलू से भी जुड़ा हुआ है।
ममदानी का यह बयान ऐसे समय आया है जब वैश्विक मंचों पर उपनिवेशवाद और उसकी विरासत पर चर्चा तेज हो रही है। कई देश अपने ऐतिहासिक धरोहरों की वापसी की मांग को फिर से मजबूत कर रहे हैं।
कुल मिलाकर, यह बयान एक बार फिर कोहिनूर हीरे को अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में ले आया है और आने वाले समय में इस पर कूटनीतिक और ऐतिहासिक बहस और तेज होने की संभावना है।
written by :- Anjali Mishra
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