भारत और तुर्की के बीच बढ़ते तनाव का असर अब कारोबारी रिश्तों पर भी दिखाई देने लगा है। तुर्की की एविएशन कंपनी सेलेबी एविएशन को भारत में बड़ा झटका लगा है। लंबे समय से भारतीय एयरपोर्ट्स पर ग्राउंड हैंडलिंग और एविएशन से जुड़ी सेवाएं देने वाली इस कंपनी का सिक्योरिटी क्लियरेंस रद्द कर दिया गया है। इसके बाद कंपनी के कारोबार और बाजार मूल्य पर बड़ा असर पड़ने का दावा किया जा रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिक्योरिटी मंजूरी खत्म होने के बाद कंपनी ने कहा है कि उसकी लगभग 500 मिलियन डॉलर यानी करीब 4300 करोड़ रुपये की वैल्यू को नुकसान पहुंचा है। कंपनी के लिए भारत एक महत्वपूर्ण बाजार रहा है, जहां वह कई वर्षों से एयरपोर्ट संचालन से जुड़ी सेवाएं दे रही थी। ऐसे में भारत से जुड़ा यह फैसला उसके वैश्विक कारोबार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
सेलेबी कंपनी भारत में कई एयरपोर्ट्स पर यात्रियों के सामान की हैंडलिंग, कार्गो सेवाओं और ग्राउंड सपोर्ट जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं से जुड़ी रही है। एविएशन सेक्टर में ग्राउंड हैंडलिंग का काम बेहद अहम माना जाता है क्योंकि यह सीधे एयरलाइन संचालन और यात्रियों की सुविधा से जुड़ा होता है। भारत में लंबे समय तक काम करने के बाद अचानक सिक्योरिटी क्लियरेंस रद्द होना कंपनी के लिए बड़ा बदलाव है।
यह पूरा घटनाक्रम भारत-तुर्की संबंधों में आई कड़वाहट के बीच सामने आया है। हाल के समय में तुर्की के कुछ रुख और बयानों को लेकर भारत में नाराजगी देखने को मिली थी। इसी पृष्ठभूमि में भारत सरकार के इस फैसले को कई लोग रणनीतिक कदम के रूप में देख रहे हैं। हालांकि आधिकारिक स्तर पर फैसले के पीछे सुरक्षा कारणों को अहम माना जा रहा है।
कंपनी की ओर से दावा किया गया है कि इस फैसले से न सिर्फ उसके मौजूदा संचालन पर असर पड़ा है, बल्कि निवेशकों के भरोसे और कंपनी की बाजार स्थिति को भी नुकसान पहुंचा है। एविएशन सेक्टर में किसी कंपनी के लिए सुरक्षा मंजूरी बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि बिना मंजूरी के वह संवेदनशील एयरपोर्ट गतिविधियों में शामिल नहीं रह सकती।
इस फैसले के बाद अब सवाल उठ रहा है कि भारत में काम कर रही विदेशी कंपनियों के लिए सुरक्षा और रणनीतिक हित कितने महत्वपूर्ण हो गए हैं। सरकारें अब सिर्फ व्यापारिक पहलुओं के आधार पर नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक रिश्तों को ध्यान में रखकर भी फैसले ले रही हैं।
दूसरी ओर, इस मामले का असर दोनों देशों के कारोबारी संबंधों पर भी पड़ सकता है। भारत एक बड़ा एविएशन बाजार है और किसी भी अंतरराष्ट्रीय कंपनी के लिए यहां मौजूदगी बेहद अहम मानी जाती है। ऐसे में भारत से बाहर होना किसी भी कंपनी के लिए आर्थिक रूप से बड़ा नुकसान साबित हो सकता है।
फिलहाल सेलेबी के लिए भारत में अपने भविष्य को लेकर स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। कंपनी को अब अपने कारोबार, निवेश और आगे की रणनीति पर नए सिरे से विचार करना पड़ सकता है। आने वाले समय में यह मामला भारत-तुर्की आर्थिक संबंधों और विदेशी कंपनियों की भूमिका को लेकर एक बड़ा उदाहरण बन सकता है।
written by :- Anjali Mishra
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