अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के रणनीतिक चाबहार बंदरगाह पर बड़ा हमला हुआ है। अमेरिकी वॉर सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने एक तस्वीर साझा करते हुए दावा किया है कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में चाबहार पोर्ट का मैरीटाइम ट्रैफिक कंट्रोल टावर पूरी तरह तबाह हो गया है। इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
अमेरिकी दावे के मुताबिक, यह हमला ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों में चलाए गए व्यापक सैन्य अभियान का हिस्सा था। कार्रवाई के दौरान सिर्फ कंट्रोल टावर ही नहीं, बल्कि चाबहार पोर्ट के शहीद बेहेश्ती और कलंतरी घाटों को भी नुकसान पहुंचा है। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई ईरानी सैन्य ढांचे को कमजोर करने के उद्देश्य से की गई।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसियों IRIB और IRNA ने भी चाबहार बंदरगाह पर हमले की पुष्टि की है। वहीं चाबहार फ्री जोन ऑर्गनाइजेशन के प्रमुख मोहम्मद सईद अरबाबी ने भी माना है कि मैरीटाइम ट्रैफिक कंट्रोल टावर पूरी तरह नष्ट हो गया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हमला ईरान के साथ युद्धविराम (सीजफायर) टूटने के बाद अमेरिका की पहली बड़ी सैन्य कार्रवाई मानी जा रही है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक इस ऑपरेशन में ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय निगरानी उपकरण, नौसैनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य रणनीतिक ठिकाने शामिल बताए गए हैं।
इस हमले की सबसे बड़ी चिंता भारत के लिए भी है। चाबहार बंदरगाह भारत के सबसे महत्वपूर्ण विदेशी निवेशों में से एक माना जाता है। भारत ने इस बंदरगाह के विकास में भारी निवेश किया है ताकि अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक बिना पाकिस्तान के रास्ते पहुंच बनाई जा सके।
चाबहार पोर्ट भारत की कनेक्टिविटी और व्यापार रणनीति का अहम हिस्सा है। यह बंदरगाह अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) और क्षेत्रीय व्यापार नेटवर्क में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का नुकसान भारत के रणनीतिक और आर्थिक हितों पर असर डाल सकता है।
हालांकि अभी तक भारत सरकार की ओर से इस हमले और इसके संभावित प्रभाव को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर समुद्री व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच हालात एक बार फिर बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। चाबहार बंदरगाह पर हुए हमले ने सिर्फ पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति को ही नहीं, बल्कि भारत समेत कई देशों के रणनीतिक हितों को भी चर्चा के केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में इस घटनाक्रम पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।
written by:- Anjali Mishra
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