उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आए तेज आंधी-तूफान, बारिश और ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई है। सबसे अधिक प्रभाव अवध क्षेत्र के बाराबंकी, अयोध्या और अमेठी जिलों में देखा गया, जहां विभिन्न हादसों में कुल 11 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
बाराबंकी में टीन शेड, दीवार और पेड़ गिरने की घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई और छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अयोध्या में अलग-अलग हादसों में पांच महिलाओं की जान चली गई, जबकि चार लोग घायल हुए। अमेठी में वज्रपात (बिजली गिरने) की घटना में एक महिला की मौत हो गई।
इस प्राकृतिक आपदा पर तत्काल संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबंधित जनपदों के अधिकारियों को राहत कार्य युद्ध स्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लें, क्षति का सर्वेक्षण करें और जरूरतमंदों को त्वरित राहत राशि उपलब्ध कराएं।
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मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से जनहानि और पशुहानि की स्थिति में तत्काल मुआवजा वितरण और घायलों को समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने जलजमाव की स्थिति में प्राथमिकता पर जल निकासी सुनिश्चित करने और प्रभावित फसलों का सर्वे कर रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं।
सीएम योगी ने यह भी कहा कि वर्तमान में चल रही गेहूं की सरकारी खरीद के तहत मंडियों और खरीद केंद्रों पर भंडारण की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे बारिश या आंधी के कारण अनाज खराब न हो।
प्रदेश सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और आवश्यक सावधानी बरतें। आपदा प्रबंधन टीमें और जिला प्रशासन अलर्ट पर हैं और राहत कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
