अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार को आंबेडकर जी की प्रतिमा तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया है कि भाजपा के लोग ही आंबेडकर की प्रतिमाएं तोड़ रहे हैं इसलिए वो कार्रवाई किस पर करें। यह जवाब उन्होंने प्रदेश के कई जिलों में आंबेडकर प्रतिमाएं तोड़े जाने के सवाल पर दिया। अखिलेश यादव ने बीते शुक्रवार को लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में मीडिया को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) ने भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति को खत्म कर दिया है। इसलिए अब भाजपा नफरती राजनीति पर उतर आई है। भाजपा का वोट कम हो रहा है। लोग महंगाई और बेरोजगारी के सवालों को उठा रहे हैं।
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अखिलेश यादव ने कहा कि मदरसों को अवैध बताकर बंद किया जा रहा है। अगर वो अवैध हैं या अवैध जमीन पर बने हैं तो पहले क्यों नहीं रोका गया। अगर नक्शा पास नहीं करवाया गया तो उसकी भी व्यवस्था है लेकिन भाजपा अपने वोट बैंक को बचाने के लिए अब नफरत की राजनीति कर रही है, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि गरीबों, पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यकों के साथ हर स्तर पर भेदभाव हो रहा है।गरीबों को सरकारी योजनाओं का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को भरोसा दिलाता हूं कि समाजवादी सरकार में जिस तरह फोन करने पर एंबुलेंस और पुलिस आती थी, उसी तरह 2027 में सपा सरकार बनने पर अधिकारी जनता के पास सुनवाई करेगा।
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