बीते लोकसभा चुनाव को लेकर सबसे ज्यादा हैरान करने वाले बात ये रही की पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी उत्तर प्रदेश की अमेठी सीट से तब हारी जब सबकी निगाहें भाजपा की जीत पर टिकी हुई थी,तब स्मृति ईरानी की हार ने भाजपा को हिला कर रख दिया था। 2024 की लोकसभा चुनाव आने के बाद स्मृति ईरानी दोबारा अमेठी की ओर रुख नहीं करेंगी। अब वर्ष 2026 में पंचायत चुनाव होने वाले हैं। इस चुनाव को 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव की नींव के रूप में देखा जा रहा है। क्योंकि स्मृति ईरानी की सक्रियता से छोटा चुनाव भी बड़े रूप में हो जाएगा। जिसका सीधा नफा नुकसान कांग्रेस पार्टी को ही होने वाला है। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी आज अमेठी पहुंची हैं। पिछले साल लोकसभा चुनाव हारने के बाद स्मृति अपने पूर्व संसदीय क्षेत्र में पहली बार आई हैं।
Also Read: “अखिलेश यादव का संकल्प: ‘सामाजिक न्याय के राज’ से ही बदलेगा देश का भविष्य”
एक दिवसीय दौरे पर गौरीगंज के रणंजय इंटर कॉलेज मैदान पर आयोजित अहिल्याबाई होल्कर की जन्म त्रिशताब्दी पर आयोजित संगोष्ठी में शामिल होने आ रहीं स्मृति लखनऊ से होते हुए यहां पहुंची हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी यहां गंगा में डूबे युवकों के परिजनों से मिलीं। यहां एक साथ तीन लोगों की डूबकर मौत हुई थी। स्मृति ईरानी ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। वह महिलाओं के बीच में बैठने के साथ ही महिलाओं के आंसू पोछते दिखाई दी थी। लेकिन सबसे बड़ा सवाल तो ये है की क्या स्मृति ईरानी की सांत्वना आने वाले चुनाव में स्मृति ईरानी को कुछ लाभ पंहुचा पयेगी या नहीं।
( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )
