भारतीय सिनेमा के इतिहास में मील का पत्थर मानी जाने वाली फिल्म ‘बाहुबली: द बिगनिंग’ को आज पूरे 10 साल हो गए हैं। 10 जुलाई 2015 को रिलीज़ हुई इस फिल्म ने न केवल बॉक्स ऑफिस के सारे रिकॉर्ड तोड़े थे, बल्कि सिनेमा की भाषा, पैमाना और प्रस्तुति को भी पूरी तरह बदल कर रख दिया था। प्रभास की दमदार मौजूदगी, एस. एस. राजामौली का भव्य निर्देशन, और विशाल सेट्स व वीएफएक्स के जरिए रची गई दुनिया ने दर्शकों को एक ऐसे सिनेमाई अनुभव से रूबरू कराया था, जो पहले कभी नहीं देखा गया। ‘कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा?’ जैसे सवाल ने पूरे देश को एकजुट कर दिया था और फिल्म को एक सांस्कृतिक घटना में तब्दील कर दिया था। इस ऐतिहासिक मौके पर फिल्म के मेकर्स ने फैंस को एक यादगार तोहफा दिया है। उन्होंने एलान किया है कि ‘बाहुबली: द बिगनिंग’ और ‘बाहुबली 2: द कन्क्लूज़न’ — दोनों ब्लॉकबस्टर फिल्मों को एक साथ फिर से सिनेमाघरों में रिलीज़ किया जाएगा। इस मेगा इवेंट का नाम ‘बाहुबली: द एपिक’ रखा गया है, जो 31 अक्टूबर 2025 को वर्ल्डवाइड रिलीज़ होगी। यानी दशहरे के बाद दिवाली से पहले दर्शकों को एक बार फिर से माहिष्मती साम्राज्य की भव्यता को बड़े पर्दे पर देखने का मौका मिलेगा।
मेकर्स की योजना इस बार सिर्फ री-रिलीज़ तक सीमित नहीं है। ‘बाहुबली: द एपिक’ को नई तकनीक, रीमास्टरिंग और संभवतः कुछ एक्स्ट्रा कंटेंट के साथ दर्शकों के सामने पेश किया जाएगा, जिससे इसका अनुभव और भी रोमांचक और आधुनिक बन सके। यह न केवल पुराने फैंस के लिए एक ‘नॉस्टैल्जिक’ जर्नी होगी, बल्कि नई पीढ़ी के उन दर्शकों के लिए भी खास होगी, जिन्होंने बाहुबली को थिएटर में नहीं देखा। एक साथ दोनों फिल्मों को सिलसिलेवार तरीके से देखने का अनुभव दर्शकों को फिर से बाहुबली की दुनिया में खो जाने का अवसर देगा।
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बाहुबली फ्रेंचाइज़ी ने भारतीय सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इस फिल्म की सफलता ने न सिर्फ साउथ सिनेमा के लिए एक नया युग शुरू किया, बल्कि पूरे देश को यह अहसास कराया कि हिंदी बेल्ट से बाहर भी ऐसी फिल्में बन सकती हैं जो पूरी दुनिया पर छा जाएं। एस. एस. राजामौली के निर्देशन में बनी यह फिल्म भारतीय माइथोलॉजी, फैंटेसी और एक्शन का एक आदर्श मेल थी। अब जब 10 साल बाद ‘बाहुबली: द एपिक’ सिनेमाघरों में लौट रही है, तो यह केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि एक उत्सव बनने जा रहा है — सिनेमा प्रेमियों के लिए, प्रभास के फैंस के लिए, और भारतीय फिल्म इतिहास के उस स्वर्णिम अध्याय के लिए, जिसे बाहुबली ने रचा था।
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