back to top
Thursday, March 5, 2026
34.3 C
Lucknow
HomeGovernmentतेजस्वी यादव का बड़ा बयान !

तेजस्वी यादव का बड़ा बयान !

बिहार विधानसभा चुनावों से पहले राज्य की राजनीति एक बार फिर से गरमा गई है। इस बार बहस का केंद्र बना है बिहार में लागू शराबबंदी कानून, जिसे लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव ने एक अहम बयान दिया है। तेजस्वी ने इशारा किया है कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो शराबबंदी की मौजूदा नीति पर व्यापक स्तर पर पुनर्विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कानून भले ही नैतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से सही रहा हो, लेकिन इसके लागू होने के तरीके और इसके दुष्परिणामों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। तेजस्वी का मानना है कि किसी भी नीति को जमीनी हकीकत के साथ जोड़कर देखना जरूरी है, और शराबबंदी ने राज्य में कई प्रकार की सामाजिक व कानूनी जटिलताएं पैदा कर दी हैं।

तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि बिहार में शराबबंदी केवल दिखावटी है, जबकि ज़मीनी सच्चाई कुछ और ही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कानून के नाम पर गरीबों और दलितों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि बड़े कारोबारी और रसूखदार लोग आसानी से कानून से बच निकलते हैं। उनका कहना है कि लाखों गरीबों को सिर्फ एक-दो बोतल शराब के लिए जेल में डाल दिया गया, जिससे न सिर्फ उनके परिवार बर्बाद हुए बल्कि जेलों पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ा। इसके अलावा शराबबंदी के बाद शराब की तस्करी और नकली शराब के धंधे ने भी खतरनाक रूप ले लिया है, जिससे कई मौतें हो चुकी हैं।

तेजस्वी ने कहा कि नीति-निर्माण करते समय सरकार को सामाजिक यथार्थ और प्रशासनिक क्षमता दोनों का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि अगर उनकी सरकार बनती है, तो वह इस कानून की समीक्षा के लिए विशेषज्ञों, सामाजिक संगठनों, पुलिस अधिकारियों और आम जनता से राय लेकर एक समग्र नीति तैयार करेंगे। उनका कहना है कि उद्देश्य समाज में सुधार लाना है, न कि केवल कानून बनाकर राजनीतिक लाभ लेना। तेजस्वी ने यह भी कहा कि बिहार जैसे गरीब राज्य में शराबबंदी के कारण जो राजस्व का नुकसान हुआ है, उसने विकास कार्यों को भी प्रभावित किया है। ऐसे में आर्थिक दृष्टिकोण से भी इस कानून की उपयोगिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

Also Read: चुनाव आयोग का नया आदेश: अब 45 दिन बाद डिलीट होंगे वीडियो, बढ़ी राजनीतिक हलचल

शराबबंदी के मुद्दे के साथ-साथ तेजस्वी यादव ने राज्य में बढ़ते अपराध और भ्रष्टाचार को लेकर भी नीतीश सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अपराधी बेलगाम हैं और कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज़ नहीं बची है। उन्होंने आंकड़ों के हवाले से दावा किया कि हत्या, बलात्कार, अपहरण और डकैती जैसी घटनाओं में पिछले कुछ वर्षों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। भ्रष्टाचार का आलम यह है कि बिना रिश्वत के कोई भी सरकारी काम नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शराबबंदी के नाम पर पुलिस को बेवजह शक्तियां मिल गई हैं, जिसका वे दुरुपयोग कर रहे हैं। ऐसे में अगर सरकार वास्तव में सुधार चाहती है, तो सबसे पहले उसे खुद के कामकाज पर आत्ममंथन करना होगा।

तेजस्वी यादव के इस बयान ने बिहार की सियासत में नई बहस को जन्म दे दिया है। जहां राजद समर्थक इसे एक साहसिक और व्यावहारिक सोच बता रहे हैं, वहीं जदयू और भाजपा इसे चुनावी स्टंट करार दे रही हैं। नीतीश कुमार ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि जदयू इसे चुनावी रणनीति के तहत देख रही है। आगामी चुनाव में शराबबंदी, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दे निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं, और तेजस्वी यादव के इस रुख ने साफ कर दिया है कि वह जमीन से जुड़े मुद्दों को उठाकर जनभावनाओं को अपने पक्ष में करना चाहते हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता इस नई बहस पर क्या रुख अपनाती है और आने वाले चुनाव में इसका कितना असर दिखाई देता है।

( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )

Livenewsx
Livenewsxhttp://www.livenewsx.in
we are digtal news platform.we are covering social facts politics national international news breaking
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments