फिल्मी पर्दे पर दमदार किरदार निभाने वाले चंद्रचूड़ इन दिनों एक ऐसी असल जिंदगी की लड़ाई लड़ रहे हैं, जिसमें न कैमरे हैं, न स्क्रिप्ट सिर्फ सच्चाई और परिवार की टूटती डोरें। प्रॉपर्टी को लेकर छिड़ा विवाद इतना गहरा हो चुका है कि मशहूर एक्टर को मुंबई से लेकर यूपी तक चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। अलीगढ़ की उस पुरानी हवेली और अन्य संपत्ति पर खिंची तनातनी ने मामला अदालतों, दफ्तरों और सरकारी गलियारों तक पहुँचा दिया है।
इस तनावपूर्ण स्थिति में चंद्रचूड़ अपनी माँ के साथ सिविल लाइन स्थित डीएम कार्यालय पहुँचे, जहाँ उन्होंने जिला प्रशासन के सामने अपना दर्द और बेबसी साफ–साफ रखी। यह कोई स्टार बनकर आया सेलिब्रिटी नहीं था बल्कि एक बेटा था, जो अपने हिस्से की ज़मीन और न्याय के लिए व्यस्त सरकारी दफ्तरों का दरवाज़ा खटखटा रहा था। परिवार का मसला जब कानूनी दायरे में आ जाता है, तब प्रसिद्धि भी इंसान को सुरक्षा नहीं देती और यही बात इस मामले में साफ दिखी।
DM से मुलाक़ात के दौरान चंद्रचूड़ ने पूरी उम्मीद के साथ अपनी बात रखी। उन्होंने दस्तावेज़, कागज़ात और विवाद के अहम बिंदु दिखाए, ताकि प्रशासन को पता चल सके कि मामला सिर्फ ज़मीन का नहीं, बल्कि रिश्तों की मजबूरी और वर्षों की कोशिशों का भी है। परिवार के भीतर प्रॉपर्टी की खींचतान किसी भी व्यक्ति को झकझोर देती है, और वही बेचैनी चंद्रचूड़ के चेहरे पर भी साफ झलकती नज़र आई।
मुलाक़ात के बाद बाहर आते हुए चंद्रचूड़ ने मीडिया से बातचीत में कहा “DM साहब हमारा ख्याल रखेंगे। अब यह स्टार की लड़ाई नहीं, आम आदमी की लड़ाई है।” यह बयान जितना भावुक था, उतना ही कड़वा सच भी था। प्रसिद्धि, पैसा और पहचान होने के बावजूद, किसी भी विवाद में इंसान अंततः एक नागरिक ही रह जाता है, जिसे न्याय की उम्मीद लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं।
अलीगढ़ में फैली यह ख़बर तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल भी हो गई, जहाँ लोगों ने चंद्रचूड़ के संघर्ष से खुद को जुड़ा हुआ महसूस किया। कई लोगों ने लिखा कि पारिवारिक विवाद चाहे आम लोगों का हो या सितारों का दर्द, तनाव और टूटन एक जैसी ही होती है। वहीं कुछ लोगों ने प्रशासन से तेज़ और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की, ताकि मामला लंबा न खिंचे।
प्रॉपर्टी का विवाद हमेशा ही भावनाओं को चोट पहुंचाता है। इस मामले में भी चंद्रचूड़ का पारिवारिक तनाव अब सार्वजनिक बहस का हिस्सा बन चुका है। हवेली की विरासत, बंटवारे की जटिलता और रिश्तेदारों के बीच की खींचतान ने इस मुद्दे को न सिर्फ कानूनी लड़ाई बनाया, बल्कि एक सामाजिक संदेश भी दिया कि परिवारों में संपत्ति अक्सर दूरियाँ पैदा कर देती है।
चंद्रचूड़ और उनकी माँ ने स्पष्ट किया है कि वे सिर्फ न्याय चाहते हैं, न किसी पर झूठा आरोप लगा रहे हैं और न किसी से झगड़ा बढ़ाना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि प्रशासन निष्पक्ष जांच करे और उनके हक़ की रक्षा करे। उनका कहना है कि अगर कानून सही तरीके से काम करे, तो किसी को भी परेशानी नहीं होगी।
दूसरी तरफ, परिवार के अन्य सदस्यों की ओर से भी जवाब आने की संभावना है, जिससे मामला और जटिल हो सकता है। लेकिन फिलहाल पूरा ध्यान इस बात पर है कि DM स्तर पर क्या कार्रवाई होती है और प्रशासन इस विवाद को किस दिशा में आगे बढ़ाता है। हर कोई इस बात का इंतजार कर रहा है कि एक स्टार की यह आम आदमी वाली लड़ाई आखिर किस मोड़ पर जाकर रुकेगी।
अंत में, यह विवाद सिर्फ चंद्रचूड़ का नहीं बल्कि उन हजारों परिवारों का मुद्दा है जो प्रॉपर्टी के झगड़ों में उलझकर रिश्ते और सुकून दोनों खो देते हैं। हर कोई यह जानना चाहता है कि क्या अलीगढ़ का DM इस कहानी को न्याय के साथ खत्म कर पाएगा, या यह लड़ाई आगे और लंबी होगी।
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