उत्तर प्रदेश में कोडीन कफ सिरप को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्ष लगातार सरकार को घेरने और विरोध प्रदर्शन करने में जुटा है, लेकिन आज विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले पर स्पष्ट और कड़ा बयान दिया। उन्होंने शुरू में ही कहा कि पहली बात, उत्तर प्रदेश में कोडीन कफ सिरप से किसी की मृत्यु नहीं हुई है। यह स्पष्ट बयान विपक्ष के आरोपों को खारिज करता है और राज्य में सुरक्षा की स्थिति को लेकर विश्वास दिलाता है।
सीएम ने आगे बताया कि इस मामले में कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट के तहत की गई है, और उत्तर प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट में भी यह मामला जीतकर अपने रुख को मजबूत किया है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में जो बड़े होलसेलर पकड़े गए, उन्हें एसटीएफ ने सबसे पहले पकड़ाया था, और यह लाइसेंस 2016 में तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार ने जारी किया था।
योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जिन तस्वीरों और खबरों को वे वायरल कर रहे हैं, उनके दो नमूने दिल्ली और लखनऊ में हैं, और अक्सर चर्चा होने पर लोग देश छोड़कर भाग जाते हैं। उन्होंने तंज कसा कि शायद यही स्थिति आपके नेताओं के साथ भी हो सकती है, जो देश से बाहर रहते हुए बहस और आरोप लगाते रहते हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यूपी में कोडीन कफ सिरप का उत्पादन नहीं होता है। यह केवल स्टॉकिस्ट और होलसेलर के माध्यम से राज्य में आता है। वास्तव में इसका उत्पादन मध्यप्रदेश, हिमाचल और अन्य राज्यों में होता है। जिन मामलों में मौत हुई, वे तमिलनाडु में बने सिरप के कारण हुए। इसलिए यूपी में मौतों का कोई प्रकरण नहीं है, यह पूरा मामला अनधिकृत डायवर्जन और अवैध ट्रांजेक्शन से संबंधित है।
योगी ने कहा कि यह सिरप केवल चिकित्सकीय परामर्श के तहत लेना चाहिए। बिना सलाह के, विशेषकर बच्चों में इसका सेवन खतरनाक हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रकरण में सरकार ने 79 अभियोग दर्ज किए हैं, 225 अभियुक्त नामजद हैं, जिनमें से 78 को गिरफ्तार किया जा चुका है और 134 फर्मों पर छापेमारी की गई है।
सीएम ने आरोप लगाया कि जांच में जैसे-जैसे गहराई से बात की जाएगी, कई जगह समाजवादी पार्टी से जुड़े लोग या नेता भी जांच के दायरे में आएंगे। इसके अलावा, कई अवैध लेन-देन एक लोहिया वाहिनी नेता के खाते से जुड़े पाए गए हैं, जिस पर एसटीएफ की जांच जारी है।
योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष को चेतावनी दी कि सरकार समय आने पर बुलडोजर एक्शन के लिए भी तैयार है। उन्होंने कहा कि जब कार्रवाई होगी, तब किसी को विरोध या चिल्लाने का मौका नहीं मिलेगा। यह साफ संदेश है कि राज्य सरकार इस मामले में पूरी तरह सख्त और कार्रवाई के लिए तैयार है।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष को न केवल कानूनी और तथ्यात्मक जवाब दिया, बल्कि उनके राजनीतिक आरोपों को भी चुनौती दी। उनका बयान यह दिखाता है कि यूपी सरकार कोडीन कफ सिरप के मामले में पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी भी प्रकार की राजनीतिक भड़काऊ गतिविधि को सहन नहीं करेगी।
कुल मिलाकर, यूपी में कोडीन कफ सिरप विवाद ने राजनीतिक गरमाहट बढ़ा दी है, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कर दिया है कि मामला कानूनी और सुरक्षा पहलुओं से जुड़ा है, और राज्य सरकार कार्रवाई में पीछे नहीं हटेगी। इस पूरे विवाद ने विपक्ष और सरकार के बीच टकराव को और भी उग्र कर दिया है।
written by :- Sanjay Pratap Chauhan
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