उत्तरी दिल्ली के मजनू का टीला क्षेत्र में रह रहे पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थी इन दिनों अपनी स्थिति को लेकर गहरी चिंता में हैं। केंद्र सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि पाकिस्तानी हिंदू नागरिकों को दिया गया लंबी अवधि का वीजा (एलटीवी) वैध बना रहेगा। हालांकि, पर्याप्त जानकारी के अभाव में शरणार्थी समुदाय के बीच भ्रम और अनिश्चितता बनी हुई है।
दिल्ली पुलिस ने हाल ही में दस्तावेजों की जांच और सत्यापन अभियान शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से न रह रहा हो या फर्जी दस्तावेजों का उपयोग न कर रहा हो। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया संवेदनशील तरीके से चलाई जा रही है और किसी भी शरणार्थी को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाएगा।यह कदम हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान संबंधों में बढ़े तनाव के मद्देनज़र उठाया गया है।
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मजनू का टीला में रह रही रेनू, जो दो बच्चों की मां हैं, ने बताया कि उनके बच्चों ने हाल ही में पास के एक स्कूल में पढ़ाई शुरू की है। रेनू कहती हैं, “जब कुछ लोगों को नागरिकता मिली, तो हमें भी उम्मीद जगी थी। लेकिन अब दस्तावेजों की जांच से डर लग रहा है कि कहीं हमें वापस न भेज दिया जाए।”शरणार्थी समुदाय सरकार से अपील कर रहा है कि उन्हें स्थायी निवास और नागरिकता को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएं, ताकि वे अपने बच्चों के भविष्य को लेकर निश्चिंत हो सकें।
