बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर के पूर्व पति और दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की विरासत को लेकर उनके परिवार में जबरदस्त तनाव सामने आ रहा है। कपूर परिवार, जो अब तक अपने निजी मामलों को सार्वजनिक रूप से उजागर करने से बचता रहा है, इस बार खुलकर सामने आ गया है। संजय कपूर के निधन के बाद उनका व्यवसायिक साम्राज्य और संपत्तियों का बंटवारा विवाद का मुख्य कारण बन गया है। सबसे चौंकाने वाला आरोप संजय कपूर की मां की ओर से आया है, जिन्होंने दावा किया है कि बेटे की मौत के गम में डूबी हालत में उनसे कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवा लिए गए, जिनका अब दुरुपयोग किया जा रहा है।
संजय कपूर की मां ने भावुक होते हुए कहा कि उन्हें इस बात की भनक तक नहीं थी कि जिन कागज़ों पर उन्होंने हस्ताक्षर किए थे, वे दरअसल उनके अधिकारों को सीमित करने या हड़पने का जरिया बन जाएंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परिवार के कुछ करीबी सदस्यों ने मिलकर जानबूझकर इस स्थिति का फायदा उठाया और संपत्ति पर एकतरफा नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश की। उनका कहना है कि बेटे के अंतिम संस्कार और शोक की घड़ी में वे मानसिक रूप से बेहद कमजोर थीं और उस दौरान उन्हें दस्तावेजों की गंभीरता की जानकारी दिए बिना ही हस्ताक्षर करवा लिए गए। यह मामला अब भावनाओं से आगे बढ़कर कानूनी पेचिदगियों में फंसता जा रहा है।
इस पूरे विवाद के बीच संजय कपूर की कंपनी ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की है। कंपनी ने कहा है कि सभी निर्णय नियमानुसार, भारत सरकार के कॉरपोरेट कानूनों और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के तहत लिए गए हैं। कंपनी की ओर से जारी बयान में यह भी कहा गया है कि संपत्ति या शेयर होल्डिंग से जुड़े किसी भी फैसले में पारदर्शिता बरती गई है और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर उचित समय और समझदारी की स्थिति में हुए थे। हालांकि, इस बयान से संजय कपूर की मां संतुष्ट नहीं हैं और उन्होंने कानूनी विकल्प तलाशने की बात कही है।
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परिवार के अन्य सदस्यों के बीच भी इस मुद्दे को लेकर मतभेद उभर आए हैं। संजय कपूर के भाई और बहनों ने इस विषय पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक वे भी इस स्थिति से असहज हैं। इस विवाद ने न केवल कपूर परिवार के आपसी रिश्तों को प्रभावित किया है, बल्कि दिवंगत संजय कपूर की छवि पर भी एक प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। कुछ करीबी लोग इसे पारिवारिक अंदरूनी राजनीति बता रहे हैं, जबकि अन्य इसे संपत्ति की लालच का नतीजा मान रहे हैं। परिवार के वकीलों ने अब दस्तावेजों की पुनः जांच और सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
यह विवाद सिर्फ कानूनी मसला नहीं रह गया है, बल्कि भावनात्मक स्तर पर भी परिवार को तोड़ रहा है। संजय कपूर की विरासत, जिसमें करोड़ों की संपत्ति, कंपनियों के शेयर, विदेशी इन्वेस्टमेंट और चल-अचल संपत्तियां शामिल हैं, अब एक संघर्ष का केंद्र बन चुकी है। करिश्मा कपूर ने इस पूरे विवाद से दूरी बनाए रखी है और अब तक कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है। लेकिन इस विवाद के बढ़ते स्वरूप को देखते हुए संभावना है कि मामला जल्द ही अदालत की दहलीज तक पहुंचेगा और एक लंबी कानूनी लड़ाई की शुरुआत हो सकती है।
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