भारत राष्ट्रीय क्रिकेट टीम ने चेन्नई के ऐतिहासिक एम. ए. चिदम्बरम स्टेडियम में शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को 72 रनों से हराकर टूर्नामेंट में अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा। मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मजबूत स्कोर खड़ा किया और फिर गेंदबाजों ने अनुशासित प्रदर्शन करते हुए मैच पर पूरी तरह नियंत्रण बना लिया। शुरुआत से अंत तक टीम इंडिया का दबदबा साफ दिखाई दिया और जीत कभी भी हाथ से फिसलती नजर नहीं आई।
भारतीय बल्लेबाजों ने जिम्मेदारी के साथ खेलते हुए रन गति बनाए रखी और मध्य ओवरों में तेज रन जोड़कर विपक्षी टीम पर दबाव बना दिया। पिच पर संयम और आक्रामकता का संतुलन देखने को मिला, जिससे बड़ा स्कोर संभव हो सका। बल्लेबाजों की साझेदारियों ने मैच की नींव मजबूत कर दी, जिसका फायदा बाद में गेंदबाजों को मिला।
जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। भारतीय गेंदबाजों ने लाइन और लेंथ पर सटीक गेंदबाजी करते हुए नियमित अंतराल पर विकेट हासिल किए। जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, रन रेट बढ़ता गया और जिम्बाब्वे की उम्मीदें धीरे-धीरे खत्म होती चली गईं। अंततः पूरी टीम लक्ष्य से काफी दूर रह गई और भारत ने 72 रनों की बड़ी जीत दर्ज की।
इस जीत का असर सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहा बल्कि दक्षिण अफ्रीका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को भी बड़ा फायदा मिला। ग्रुप समीकरण ऐसे बने कि दक्षिण अफ्रीका सुपर-8 ग्रुप-A से सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की करने में सफल रहा। यानी भारत की जीत ने टूर्नामेंट का गणित पूरी तरह बदल दिया और अंक तालिका में नई हलचल पैदा कर दी।
हालांकि भारत के लिए रास्ता अभी आसान नहीं हुआ है। टीम की सेमीफाइनल की उम्मीदें अब अगले मुकाबले पर टिकी हुई हैं, जहां उसे हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। अब टूर्नामेंट उस मोड़ पर पहुंच चुका है जहां छोटी गलती भी बाहर का रास्ता दिखा सकती है।
अब सबकी नजरें कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स पर टिक गई हैं, जहां भारत का अगला मुकाबला वेस्टइंडीज राष्ट्रीय क्रिकेट टीम से होगा। यह मैच सिर्फ एक और ग्रुप गेम नहीं बल्कि सीधा सेमीफाइनल टिकट तय करने वाला मुकाबला बन चुका है। दोनों टीमों के लिए यह निर्णायक लड़ाई होगी।
इस मुकाबले की खास बात यह है कि यहां नेट रन रेट या गणितीय समीकरणों की कोई भूमिका नहीं होगी। जीतने वाली टीम सीधे सेमीफाइनल में पहुंचेगी, जबकि हारने वाली टीम का सफर यहीं खत्म हो जाएगा। यही वजह है कि इसे ‘करो या मरो’ मुकाबला कहा जा रहा है।
क्रिकेट फैंस के बीच उत्साह चरम पर है, क्योंकि भारतीय टीम ने पिछली जीत से आत्मविश्वास जरूर हासिल किया है, लेकिन असली परीक्षा अभी बाकी है। खिलाड़ियों पर दबाव भी होगा और उम्मीदें भी, क्योंकि हर गेंद और हर रन टूर्नामेंट की दिशा तय करेगा।
अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या टीम इंडिया इस लय को बरकरार रखते हुए निर्णायक मैच में भी जीत हासिल कर पाती है या वेस्टइंडीज बाजी मारकर सेमीफाइनल में जगह बना लेता है। फिलहाल पूरा क्रिकेट जगत उसी हाई-वोल्टेज मुकाबले का इंतजार कर रहा है, जहां एक जीत इतिहास बदल सकती है।
written by :- Anjali Mishra
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