जब बच्चे छोटे होते है तो उनका प्रेम माता पिता के लिए निस्वार्थ होता है लेकिन जैसे ही बच्चे थोड़े बड़े होने लगते है पैसा जमीन जायज़ाद ये सब क्या होता है इन सब चीजों की जानकारी जब बच्चो को मिल जाती है, तो बच्चे अपने माता पिता से सिर्फ स्वार्थ से प्रेम करते है की, अगर माँ पिता हमारे साथ रहेंगे तो उनके नाम जो जमीन है वो हमारे नाम हो जाएगी, जो परिवार में विवाद का सबसे बड़ा कारण बन जाता है, एक ऐसी ही घटना सामने आयी है बुंदेलखंड से जहा बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) से मुआवजे में मिले 2.85 करोड़ के लिए बेटों ने बुजुर्ग मां-बाप बांट लिए। तीन बड़े भाइयों ने बुजुर्ग पिता को अपने पास रख लिया जबकि, छोटे भाई को मां दे दी। रक्सा थाने पहुंचकर बुजुर्ग मां ने पति से मिलाने की गुहार लगाई है। मां का कहना है मुआवजे की रकम के लालच में फंसकर बेटों ने उसे पति से अलग कर दिया। उनकी तहरीर पर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। इमलिया गांव में एक परिवार के पास 24 एकड़ जमीन थी। यह पूरी जमीन बीडा ने अधिग्रहित कर ली।
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जमीन के भू-स्वामी के तौर पर 90 वर्षीय बुजुर्ग किसान का नाम दर्ज है। मुआवजे के तौर पर उनको कुल 2.85 करोड़ रुपये मिलने हैं। इसमें 85 लाख रुपये उनके खाते में आ चुके हैं, जबकि दो करोड़ रुपये आना बाकी हैं। इतनी बड़ी रकम के आने से परिवार में विवाद छिड़ गया। बुजुर्ग मां ने पुलिस को बताया कि 85 लाख चारों बेटों में बांट दिए। एक हिस्सा बुजुर्ग दंपती ने अपने पास रख लिया लेकिन, बेटों की निगाह दो करोड़ रुपये पर टिकी है। तीनों बड़े बेटे भू स्वामी होने के नाते सिर्फ पिता को अपने पास रखना चाहते हैं। बूढ़ी मां का कहना है वह अपने पति से नहीं मिल पा रही है। बुजुर्ग मां ने शनिवार को रक्सा थाने पहुंचकर गुहार लगाई। थाना प्रभारी परमेंद्र सिंह के मुताबिक मामले की छानबीन की जा रही है ।
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