दिल्ली, उत्तर प्रदेश और आसपास के कई राज्यों में मौसम ने करवट बदल ली है और घना कोहरा लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। सुबह-सुबह और देर रात की विजिबिलिटी बेहद कम हो गई है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो रहा है। आम जनता को खासतौर पर मार्ग पर वाहन चलाते समय अतिरिक्त सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
पंजाब और हरियाणा में तो ठंड के हालात और भी गंभीर हो गए हैं। यहाँ न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है और सुबह के समय का कोहरा इतना घना है कि कुछ इलाकों में दृश्यता लगभग शून्य के करीब पहुँच रही है। इससे आम लोगों के साथ-साथ स्कूल, कॉलेज और ऑफिस जाने वालों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग ने चेताया है कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, बिहार, असम और मेघालय के कई क्षेत्रों में कोहरा सुबह तक घना रहने की संभावना है। विशेषकर उत्तर भारत के मैदान और निचले इलाके इन हालातों से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में भी सुबह तक कोहरे के बने रहने की संभावना है।
कोहरे के कारण सड़क पर वाहन चलाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। ड्राइवरों को धीमी गति से चलाने और हेडलाइट्स का सही इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही, एक्सीडेंट और ट्रैफिक जाम की संभावना बढ़ गई है। रेल और हवाई यात्रा पर भी इसका असर पड़ सकता है, इसलिए यात्रियों को समय से पहले अपने कार्यक्रम की योजना बनाने की सलाह दी गई है।
ठंड और कोहरे के असर से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का भी सामना करना पड़ सकता है। बुजुर्ग और बच्चों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े, दुपट्टा और दस्ताने पहनने की सलाह दी गई है। वहीं, अधिक देर तक खुले में रहने से बचना जरूरी है, ताकि सर्दी और सांस की बीमारियों से बचा जा सके।
मौसम विभाग ने कोहरे और ठंड को देखते हुए लोगों को चेतावनी जारी की है कि वे ज्यादा जरूरी काम के लिए ही बाहर निकलें। इसके अलावा, वाहन चालक, स्कूल और कॉलेज प्रशासन, स्वास्थ्यकर्मी और स्थानीय प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। इस स्थिति में जागरूकता और सावधानी ही सुरक्षा का सबसे बड़ा उपाय है।
पंजाब और हरियाणा में बिजली और इंटरनेट जैसी सुविधाओं पर भी कोहरे का असर देखा गया है। घना कोहरा रडार और सैटेलाइट संचार में भी परेशानी पैदा कर सकता है। ऐसे में लोग अपने कामकाज में लचीलापन अपनाएं और जरूरी काम ही निपटाएं।
उत्तर भारत के इस मौसम ने यह भी संकेत दिया है कि सर्दियों के चरम में लोगों को सुबह जल्दी उठकर अपने दिन की योजना बनाने में मुश्किल हो सकती है। स्कूल, कॉलेज और ऑफिस टाइमिंग में बदलाव और सार्वजनिक परिवहन की धीमी गति को ध्यान में रखना आवश्यक है।
इस तरह, घने कोहरे और कड़ाके की ठंड ने उत्तर भारत में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। प्रशासन और जनता दोनों को सतर्क रहकर सुरक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा। सावधानी और समय पर सही कदम उठाना ही इस मौसम में सबसे सुरक्षित उपाय साबित होगा।
written by :- Anjali Mishra
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