भारत सरकार ने देश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी मीडिया हाउस को एक अहम एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में मीडिया को निर्देश दिया गया है कि वे डिफेंस ऑपरेशन, सुरक्षा बलों की तैनाती और मूवमेंट से जुड़ी किसी भी प्रकार की कवरेज से परहेज करें। सरकार का कहना है कि ऐसी रिपोर्टिंग से सैन्य अभियानों की गोपनीयता और देश की सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से जारी इस एडवाइजरी में विशेष रूप से कहा गया है कि मीडिया को संवेदनशील जानकारी प्रसारित करने से बचना चाहिए, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है। मंत्रालय ने यह भी याद दिलाया कि युद्ध, आतंकी हमले, या किसी सैन्य कार्रवाई के दौरान मीडिया की जिम्मेदारी और भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, हाल ही में कुछ चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे वीडियो और रिपोर्ट्स सामने आए थे, जिनमें सेना की मूवमेंट और लोकेशन को स्पष्ट रूप से दिखाया गया था। इस तरह की रिपोर्टिंग से दुश्मन देश या आतंकी संगठनों को फील्ड इनपुट मिल सकता है, जिससे ऑपरेशन्स पर असर पड़ सकता है।
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मंत्रालय ने मीडिया हाउसों से अपील की है कि वे अपने रिपोर्टरों, फील्ड जर्नलिस्ट्स और एडिटोरियल टीम को इस दिशा में सख्त निर्देश दें और सुनिश्चित करें कि कोई भी रिपोर्टिंग राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के खिलाफ न हो।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे समय में जब सीमाओं पर तनाव बना हुआ हो, मीडिया की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। किसी भी जानकारी का अनजाने में लीक होना न सिर्फ ऑपरेशन की सफलता को प्रभावित कर सकता है बल्कि जवानों की जान को भी खतरे में डाल सकता है।
समापन में, सरकार ने मीडिया से सहयोग की अपेक्षा जताई है और भरोसा जताया है कि सभी मीडिया संस्थान राष्ट्रहित में इस एडवाइजरी का पालन करेंगे।
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