राजकीय मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में गुरुवार को बाबा साहेब सम्मान समारोह के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रभारी मंत्री के सामने समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण मुर्दाबाद के नारे लगाए। आक्रोशित कार्यकर्ता नेताओं के समझाने पर भी नहीं माने और मंच की तरफ बढ़ने लगे, जिससे उनकी पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई। काफी देर तक हाईवोल्टेज ड्रामा और हंगामा चलता रहा। बाद में भाजपा के लोधी समाज के कार्यकर्ताओं ने सम्मेलन का बहिष्कार कर दिया और बाहर निकल आए।
मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित सम्मान समारोह उस समय विवादों में घिर गया, जब समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण के खिलाफ लोधी समाज के लोगों ने नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया। प्रभारी मंत्री रजनी तिवारी, समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण, विधायक कैलाश राजपूत, पूर्व सांसद सुब्रत पाठक, जिलाध्यक्ष वीर सिंह भदौरिया मंच पर मौजूद थे। जैसे ही असीम अरुण मंच पर पहुंचे और अपना संबोधन शुरू किया, वैसे ही सभागार में मौजूद लोधी समाज के लोगों ने “असीम अरुण मुर्दाबाद” के नारे लगाते हुए विरोध जताना शुरू कर दिया।
मंत्री तुम्हारी तानाशाही, नहीं चलेगी -नहीं चलेगी के नारे भी लगाए। प्रदर्शनकारी मंच की ओर बढ़ने लगे, जिससे आयोजन में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। मंच पर मौजूद भाजपा नेताओं ने उन्हें शांत करने का प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित लोग नारेबाजी करते रहे। पुलिस ने विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों को ऑडीटोरियम से बाहर कर दिया।
सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला निवासी लोधी समाज की एक युवती को उसी मोहल्ले के अनुसूचित जाति का युवक उसको अपने साथ लेकर चला गया।। इस मामले में लोधी समाज के लोगों ने राज्यमंत्री असीम अरुण से मुलाकात कर युवती को परिजनों को सौंपने की मांग की थी। उनका आरोप है कि मंत्री ने कानून का हवाला देकर युवती पर ही कार्रवाई की चेतावनी दी, जिससे समाज के लोग आक्रोशित हो गए। उन्होंने मंत्री पर आरोपी युवक को संरक्षण देने का आरोप लगाया।
भाजपा के सम्मेलन में हुए हंगामे के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। सपा मुखिया एवं कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने भी फेसबुक पर वीडियो पोस्ट कर चुटकी ली है। अखिलेश ने लिखा है कि- पक्षपात अन्याय का पर्याय होता है। विकास से मुंह मोड़कर हाथ-पर-हाथ रखे भाजपाइयो को तरक्की का कोई काम तो करना नहीं है, इसलिए वो समाज को आपस में लड़ाकर जनता को उलझाए रखना चाहती है। भाजपा सरकार की नाइंसाफी, फर्जी मुकदमों और झूठे वादो जुमलों का विरोध अब इस कदर तक बढ़ गया है कि कार्यक्रमों में ही लोग उनके खिलाफ मुर्दाबाद तक के नारे लगाने लगे हैं। कन्नौज की जनता पर झूठे मुकदमे लगाने वालों को जनता ही सबक सिखाएगी। सुना है यहां भी दो स्थानीय डिब्बे आपस में टकरा रहे हैं, फर्क बस इतना है कि एक हारे हुए हैं।
समाज कल्याण मंत्री ने भी सोशल मीडिया पर बयान जारी करते हुए बताया कि बाबा साहेब के सम्मान समारोह में कुछ लोगों द्वारा अनुशासनहीनता बरती गई। मैं उनके साथ बैठूंगा और अंतरजातीय विवाह से संबंधित कानून के बारे में जागरूक करूंगा। हम सब बाबा साहेब के अनुयायी हैं। समाज को जोड़ने के लिए कार्य करते रहेंगे। जो आज भ्रमित हैं, कल जुड़ाव के लिए काम करेंगे।
भाजपा कार्यकर्ताओं का हाईवोल्टेज ड्रामा !
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