मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व एमएसएमई दिवस के अवसर पर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में युवाओं और कारीगरों को सशक्त बनाने वाली कई नई पहलों की शुरुआत की। उन्होंने ‘यूथ अड्डा’ और ‘सीएम युवा मोबाइल ऐप’ का लोकार्पण कर उद्यमिता को तकनीक और नवाचार से जोड़ने की दिशा में मजबूत कदम उठाया। साथ ही बरेली और मुरादाबाद में ओडीओपी के अंतर्गत 18 करोड़ रुपये की सीएफसी परियोजनाओं का उद्घाटन कर हर जनपद की विशिष्टता को वैश्विक मंच देने का प्रयास किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर समान अवसर की भूमि बन रहा है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे जातीय संघर्ष और परिवारवाद तक सीमित थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन सरकारों ने उद्यमियों की उपेक्षा की और एक जिला एक माफिया की नीति पर काम किया, जिससे प्रदेश की पहचान और विकास बाधित हुआ। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश दंगों और माफियावाद के लिए कुख्यात था, लेकिन अब यह राज्य निवेश, निर्यात और रोजगार के नए अवसरों का केंद्र बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने ‘सीएम युवा ऐप’ के जरिए युवाओं को डिजिटल रूप से प्रशिक्षण, ऋण और योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने बताया कि यह ऐप युवाओं को सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने से मुक्ति दिलाएगा और जाति या क्षेत्र के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ के तहत हजारों युवाओं को ब्याजमुक्त ऋण और अनुदान प्रदान कर आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित किया गया है
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ओडीओपी योजना की सफलता का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल ने मुरादाबाद के ब्रास, भदोही के कालीन और लखनऊ की चिकनकारी जैसे उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। उन्होंने बताया कि यूपी के 77 उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है और 75 नए आवेदनों पर कार्य चल रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि ये योजनाएं केवल कागज़ी नहीं हैं, बल्कि प्रदेश के हर गांव, कस्बे और शहर के कारीगर को इससे लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की आर्थिक उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि राज्य की जीडीपी 12.75 लाख करोड़ से बढ़कर 31 लाख करोड़ रुपये हो चुकी है। यूपी का निर्यात 80 हजार करोड़ से बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपये और प्रति व्यक्ति आय 46 हजार से 1.2 लाख रुपये हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सब बेहतर कानून व्यवस्था, पारदर्शी शासन और सभी समुदायों को समान अवसर देने की नीति का परिणाम है, जिससे उत्तर प्रदेश अब ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य में अहम भूमिका निभा रहा है।
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