मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को आज़मगढ़ दौरे पर पहुंचे। उन्होंने सलारपुर में आयोजित एक भव्य जनसभा में गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उनके स्वागत में प्रदेश सरकार के मंत्री नंद गोपाल नंदी मौजूद रहे।
जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा, “अब आजमगढ़ आतंक का नहीं, अदम्य साहस का गढ़ बन गया है। हमारी सरकार विरासत के साथ-साथ विकास पर भी समान रूप से काम कर रही है।”
उन्होंने कहा कि यदि 1857 में वीर कुंवर सिंह के संघर्ष के समय पूर्वांचल एक्सप्रेसवे जैसा इंफ्रास्ट्रक्चर होता, तो देश को आज़ादी बहुत पहले मिल जाती। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा, “जातिवाद की राजनीति करने वाले केवल वोट मांगने आते थे। हमने पूर्वांचल को एक्सप्रेसवे और विकास की राह पर आगे बढ़ाया है।”
सीएम योगी ने कहा कि प्रयागराज से सोनभद्र तक गंगा एक्सप्रेसवे का विस्तार किया जा रहा है। “हम काशी, विंध्याचल, चित्रकूट, अयोध्या के बाद अब मथुरा-वृंदावन को भी विकास से जोड़ने में जुटे हैं।”
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उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा, “जो भी कानून व्यवस्था में सेंध लगाने की कोशिश करेगा, उसका टिकट पहले से ही रिज़र्व है। पहले की सरकारें डी कंपनी (दाऊद गैंग) को पालती थीं, हमने उन्हें जहन्नुम का टिकट दिया।”
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे:गौरतलब है कि गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 91.35 किलोमीटर है। यह गोरखपुर के जैतपुर (एनएच-27) से शुरू होकर आजमगढ़ के सलारपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ता है। यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर, संतकबीरनगर, अंबेडकरनगर और आजमगढ़ जिलों से होकर गुजरता है।
इस परियोजना की कुल लागत ₹7283.28 करोड़ रही, जिसमें भूमि अधिग्रहण भी शामिल है। इसका निर्माण दो खंडों में किया गया:
जैतपुर (गोरखपुर) से फुलवरिया (अंबेडकरनगर) तक – 48.317 किमी
फुलवरिया से सलारपुर (आज़मगढ़) तक – 43.035 किमी
यह एक्सप्रेसवे भविष्य में छह लेन तक विस्तारित किया जा सके!
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