बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले राज्य की राजनीति में जबरदस्त उथल-पुथल देखने को मिल रही है। चुनावी माहौल धीरे-धीरे गरमाने लगा है और इसका असर विधानसभा के मानसून सत्र में भी साफ तौर पर दिख रहा है। एक ओर सरकार और विपक्ष के बीच SIR विवाद को लेकर जबरदस्त हंगामा चल रहा है, वहीं दूसरी ओर अब सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। इस बार आरोप किसी आम नेता ने नहीं, बल्कि बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और RJD की वरिष्ठ नेता राबड़ी देवी ने लगाए हैं।
राबड़ी देवी ने मीडिया से बात करते हुए चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने कहा है कि उनके बेटे और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की जान को गंभीर खतरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ दिनों में तेजस्वी पर लगातार तीन से चार बार हमले हो चुके हैं, जो बहुत ही सुनियोजित और खतरनाक थे। हालांकि इन हमलों को लेकर प्रशासन की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन इस बयान ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है।
राबड़ी देवी का ये बयान ऐसे वक्त में आया है जब बिहार में सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के बीच तनाव पहले से ही चरम पर है। तेजस्वी यादव RJD के सबसे बड़े चेहरा हैं और युवा मतदाताओं के बीच उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। ऐसे में उन पर हमले की बात सामने आना, न सिर्फ राजनीतिक रूप से गंभीर मुद्दा है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करता है कि क्या बिहार में एक वरिष्ठ नेता भी सुरक्षित नहीं है?
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RJD ने सरकार से मांग की है कि तेजस्वी यादव को Z प्लस सुरक्षा दी जाए और हमलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। पार्टी प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया है कि यह सब एक राजनीतिक साजिश के तहत किया जा रहा है ताकि तेजस्वी यादव को डराया जा सके और उनकी बढ़ती लोकप्रियता को रोका जा सके। इसके साथ ही उन्होंने नीतीश सरकार पर सुरक्षा में लापरवाही बरतने का आरोप भी लगाया है।
दूसरी तरफ JDU और BJP की ओर से अभी तक इस मसले पर कोई औपचारिक बयान नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा ज़ोर पकड़ने लगी है कि अगर तेजस्वी पर वास्तव में हमले हुए हैं, तो उनकी जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की गई और FIR दर्ज क्यों नहीं हुई? विपक्ष के सवालों के बीच अब जनता की नजरें सरकार की अगली प्रतिक्रिया पर टिक गई हैं।
अब देखना यह है कि तेजस्वी यादव पर हुए कथित हमलों को लेकर राज्य सरकार क्या रुख अपनाती है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं। क्या राबड़ी देवी का यह दावा बिहार चुनाव 2025 से पहले सुरक्षा और साजिश को लेकर नया सियासी मोड़ लाएगा?
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