बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार में उतरते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर करारा प्रहार किया है। सिवान में आयोजित एक चुनावी सभा के दौरान उन्होंने कांग्रेस और आरजेडी पर जमकर निशाना साधा। योगी ने कहा कि जैसे ही राहुल गांधी चुनावी मैदान में उतरते हैं, भाजपा और एनडीए की जीत तय हो जाती है। उनके इस बयान पर समर्थकों में जोरदार उत्साह देखने को मिला और सभा में जयकारों की गूंज उठी।
योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में कहा कि बिहार की जनता अब समझ चुकी है कि कांग्रेस और आरजेडी की जोड़ी केवल सत्ता के लिए गठबंधन करती है, न कि जनता की भलाई के लिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर महागठबंधन की सरकार बनी तो राज्य में एक बार फिर माफियाराज, अपहरण उद्योग और लूटपाट का दौर लौट आएगा, जो कभी लालू-राबड़ी शासन के समय देखा गया था। उन्होंने दावा किया कि भाजपा और एनडीए ऐसी स्थिति कभी नहीं आने देंगे।
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है, और बिहार को भी उसी दिशा में ले जाना जरूरी है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे ऐसे लोगों के झांसे में न आएं जो जात-पात और परिवारवाद की राजनीति करते हैं। योगी ने कहा, “एनडीए विकास, सुरक्षा और सुशासन की राजनीति करता है, जबकि विपक्ष केवल कुर्सी बचाने की राजनीति में लगा है।”
सभा के दौरान योगी आदित्यनाथ ने बिहार सरकार की पिछली उपलब्धियों और केंद्र सरकार की योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कैसे मोदी सरकार ने गरीबों को मुफ्त राशन, पक्का मकान और स्वास्थ्य बीमा जैसी योजनाओं से सशक्त बनाया है। उन्होंने कहा कि एनडीए की सरकार बनने पर बिहार में भी निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
इसके साथ ही योगी ने आरजेडी पर तंज कसते हुए कहा कि “जिनके राज में कानून-व्यवस्था मजाक बन गई थी, वे आज फिर जनता को सपने दिखा रहे हैं।” उन्होंने कहा कि भाजपा और एनडीए ने जहां अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है, वहीं महागठबंधन के नेता अपराधियों को संरक्षण देते हैं।
सभा में भारी भीड़ के बीच योगी आदित्यनाथ ने जनता से एनडीए उम्मीदवारों को भारी बहुमत से जिताने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच आत्मीय संबंध हैं और दोनों राज्यों का विकास एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है। उन्होंने विश्वास जताया कि बिहार की जनता एक बार फिर “विकास और स्थिरता” को चुनेगी, न कि “अराजकता और माफियाराज” को।
कुल मिलाकर, योगी आदित्यनाथ का यह भाषण बिहार चुनावी माहौल में नई हलचल पैदा कर गया है। उनके तीखे बयानों से जहां भाजपा समर्थक जोश में हैं, वहीं विपक्षी दलों में बेचैनी बढ़ गई है। अब देखना यह होगा कि योगी की यह रणनीति बिहार में एनडीए के लिए कितनी कारगर साबित होती है।
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