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मुख्य सचिव ने बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के कार्यों समीक्षा की समीक्षा कर दिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश

लखनऊः मुख्य सचिव श एस.पी.गोयल ने प्रदेश के सभी जनपदों में आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं आंगनबाड़ी सहायिकाओं के रिक्त पदों पर भर्ती हेतु समय-सारिणी निर्धारित करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि समय सारिणी में प्रत्येक चरण के लिए समय-सीमा और तिथियां तय की जाएं, ताकि पूरे प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया में एकरूपता बनी रहे। भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराया जाए। इससे पूर्व इन पदों को भरने के लिए सभी जिलों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति का गठन कर लिया जाए। इससे पूर्व इन पदों को भरने हेतु सभी जिलों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति का गठन कर लिया जाए।
मुख्य सचिव ने ये निर्देश बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के कार्यों समीक्षा के दौरान दिए। उन्होंने कहा कि स्वीकृत 23,697 आंगनबाड़ी केन्द्रों को विभिन्न 05 (पोषण वाटिका, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, आरओ मशीन, एलईडी स्क्रीन तथा ईसीसीई मैटेरियल, बाला पेन्टिंग, माइनर सिविल वर्क्स) घटकों से संतृप्त करते हुए ‘सक्षम आंगनबाड़ी’ के रूप में विकसित करने के कार्य में प्रगति लायी जाए। जिन जनपदों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग, पोषण वाटिका और बाला पेंटिग का कार्य अवशेष है, उन्हें जल्द से जल्द पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केन्द्र भवन के निर्माण कार्य में तेजी लायी जाए। स्वीकृति के सापेक्ष अनारंभ केंद्रों का निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाए। जिन जनपदों में निर्माण कार्य में धीमी प्रगति हैं, वहां विशेष ध्यान दिया जाए।

उन्होंने कहा कि ‘पोषण भी, पढ़ाई भी’ कार्यक्रम के अंतर्गत सभी जनपदों में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के तीन-दिवसीय प्रशिक्षण को तेजी से पूरा कराया जाए। इससे वे बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करने में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगी।
रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के संबंध में उन्होंने लंबित प्रकरणों का अक्टूबर माह के अंत तक निस्तारण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया है कि पीड़ितों को समयबद्ध तरीके से सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया दिया प्रकरण अनावश्यक रूप से किसी भी स्तर पर लंबित न रहें। अनावश्यक रूप से अधिक समय तक प्रकरण को लंबित रखने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाए।
अपर मुख्य सचिव महिला कल्याण श्रीमती लीना जोहरी ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के 7,952 तथा आंगनबाड़ी सहायिकाओं के 61,254 पद रिक्त हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के रिक्त पदों में 2,123 पूर्व चयन प्रक्रिया से आच्छादित पद, 306 नव सृजित आंगनवाड़ी केंद्रों से संबंधित पद तथा 5,523 मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्री के पदों को मुख्य आंगनबाड़ी कार्यकत्री पद में परिवर्तित पद शामिल है।

इसी प्रकार, आंगनबाड़ी सहायिकाओं के रिक्त पदों में 38,994 सेवानिवृत्ति, मृत्यु आदि कारणों से रिक्त पद तथा 22,260 मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों को मुख्य केंद्रों में अपग्रेड किए जाने से नव सृजित पद सम्मिलित हैं। कुल मिलाकर 69,206 रिक्त पदों को शीघ्र भरने की प्रक्रिया आरंभ की जा रही है।
बैठक में महिला कल्याण विभाग की निदेशक श्रीमती संदीप कौर, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की निदेशक सुश्री सरनीत कौर ब्रोका सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।

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