क्रिकेट की दुनिया में कुछ नाम ऐसे होते हैं, जो सिर्फ खेल नहीं खेलते, बल्कि इतिहास रच जाते हैं। लेकिन जब एक ही उपनाम वाली जोड़ी — वो भी महिला और पुरुष दोनों टीमों में — कमाल दिखा दे, तो बात कुछ खास बन जाती है।
दो महीने पहले एशिया कप 2025 में ‘शर्मा-वर्मा’ की जोड़ी — अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा — ने भारत को खिताबी जीत दिलाई थी। अभिषेक ने पूरे टूर्नामेंट में आक्रामक बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींचा, जबकि फाइनल में तिलक वर्मा की शानदार पारी ने भारत को ट्रॉफी दिलाई। यह जोड़ी भारतीय क्रिकेट की नई पीढ़ी का चेहरा बनकर उभरी थी।
और अब महिला विश्व कप 2025 में वही जादू दोहराया गया — बस किरदार बदले। इस बार मंच पर थीं शेफाली वर्मा और दीप्ति शर्मा। शेफाली ने फाइनल में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए न सिर्फ रन बनाए बल्कि दो विकेट लेकर मैच पलट दिया। वहीं दीप्ति ने पूरे टूर्नामेंट में 22 विकेट लेकर गेंदबाजी में इतिहास रच दिया और फाइनल में 58 अहम रन जोड़कर भारत की जीत सुनिश्चित की।
दिलचस्प संयोग यह भी रहा कि जहां एशिया कप में तिलक वर्मा को प्लेयर ऑफ द मैच और अभिषेक शर्मा को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब मिला था, वहीं महिला विश्व कप में यही क्रम शेफाली और दीप्ति ने दोहराया।
क्रिकेट फैंस मज़ाक में कहने लगे हैं —
“शर्मा-वर्मा मतलब जीत पक्की!”फाइनल के बाद शेफाली बोलीं, “मुझे बस भरोसा था कि मैं टीम के लिए कुछ बड़ा कर सकती हूं, और आज वो सपना पूरा हो गया।”
दीप्ति शर्मा ने कहा, “हर मैच में मेरा ध्यान सिर्फ टीम के लिए विकेट निकालने पर था। जब पूरा देश साथ खड़ा हो, तो हौसला अपने आप बढ़ जाता है।”
इन चारों खिलाड़ियों ने साबित कर दिया — भारतीय क्रिकेट अब सिर्फ नाम नहीं, बल्कि टैलेंट का ब्रांड बन चुका है, जो हर मंच पर इतिहास लिख सकता है।
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