back to top
Friday, March 6, 2026
27.1 C
Lucknow
HomeGovernmentमंदिर में तिलक, जाति पर हमला — न्याय की जगह अन्याय की...

मंदिर में तिलक, जाति पर हमला — न्याय की जगह अन्याय की गिरफ्त में राजू जाटव !

अलीगढ़ से आई एक चौंकाने वाली घटना ने सामाजिक सौहार्द पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के एक शनि मंदिर में माथे पर तिलक लगाने वाले राजू जाटव को न केवल भीड़ की हिंसा का सामना करना पड़ा, बल्कि अब उसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई है। राजू पर आरोप लगाया गया है कि उसने मंदिर की मूर्ति को दूषित किया। इस संबंध में मंदिर के पुजारी की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है, जिससे पीड़ित पक्ष और दलित समाज में आक्रोश फैल गया है।

राजू जाटव का पक्ष इस मामले में बिल्कुल अलग है। उनका कहना है कि वह शनि मंदिर दर्शन के लिए गए थे और वहां उन्होंने मूर्ति के पास जाकर माथे पर तिलक लगाया था। उसी वक्त कुछ लोगों ने उनकी जाति पूछी और पहले यह जानना चाहा कि वे मुसलमान तो नहीं हैं। जब उन्होंने जवाब में खुद को जाटव समाज का हिंदू बताया तो उनके साथ मारपीट शुरू कर दी गई। राजू की पत्नी, जो उस वक्त उनके साथ थीं, ने भी यही बयान दिया और पूरी घटना को जातीय घृणा से प्रेरित बताया।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़ित होने के बावजूद राजू जाटव पर ही प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने पुजारी की तहरीर को आधार बनाकर राजू पर धार्मिक भावनाएं भड़काने और मूर्ति को अपवित्र करने जैसी गंभीर धाराएं लगा दी हैं। इस कदम पर न केवल सवाल उठ रहे हैं, बल्कि कानून व्यवस्था की निष्पक्षता पर भी संदेह पैदा हो रहा है। मानवाधिकार संगठनों और दलित अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

Also Read: चुनाव आयोग का नया आदेश: अब 45 दिन बाद डिलीट होंगे वीडियो, बढ़ी राजनीतिक हलचल

घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। कई सामाजिक संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है जिन्होंने राजू को पीटा। साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या सिर्फ जाति के आधार पर किसी को मंदिर में पूजा करने से रोका जा सकता है? अगर कोई हिंदू है और उसका आचरण धार्मिक मर्यादाओं के भीतर है, तो फिर उसके खिलाफ इस तरह की कार्रवाई संविधान और धर्म दोनों के खिलाफ मानी जा रही है।

इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हमारे समाज में जातीय भेदभाव अब भी इतना गहरा है कि पीड़ित को ही आरोपी बना दिया जाए। यह मामला केवल राजू जाटव का नहीं, बल्कि उस पूरे वर्ग का है जो समानता और सम्मान के साथ जीने का अधिकार चाहता है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि प्रशासन इस मामले में कैसे आगे बढ़ता है और क्या न्यायसंगत ढंग से कार्रवाई करता है या फिर जातीय पक्षपात का एक और उदाहरण सामने आता है।

( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )

Livenewsx
Livenewsxhttp://www.livenewsx.in
we are digtal news platform.we are covering social facts politics national international news breaking
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments