ललितपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बार में शर्मनाक लापरवाही सामने आई, जहां सड़क हादसे में घायल युवक को इलाज नहीं मिल पाया और उसकी मौत हो गई। डॉक्टर बीजी गुप्ता ड्यूटी के दौरान नशे में धुत मिले और दरवाज़ा देर से खोला। परिजन गिड़गिड़ाते रहे, खून से लथपथ स्ट्रेचर पड़ा रहा, लेकिन डॉक्टर की नींद नहीं खुली। मृतक के परिजन डॉक्टर को बर्खास्त करने की मांग कर रहे हैं। डॉक्टर का वीडियो वायरल है, जिसमें वो बेहिसी से कहते हैं – “मर गया तो मैं क्या करूं?
क्या है पूरा मामला?
यह मामला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है. बताया जा रहा है कि रात के समय सड़क दुर्घटना में घायल हुए एक होमगार्ड को राहगीरों द्वारा इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया. यहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर वंश गोपाल गुप्ता को करीब आधा घंटे से अधिक समय तक लोगों द्वारा बुलाया जाता रहा. यही नहीं CHC में तैनात अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने भी डॉक्टर साहब को इलाज के लिए बुलाने की कोशिश की लेकिन आरोप है कि डॉक्टर साहब शराब के नशे में धुत्त होकर अपने कमरे में पड़े रहे. इस कारण इलाज नहीं मिलने पर घायल व्यक्ति की मौत हो गई.
CMO ने कही ये बात
इस गम्भीर मामले को लेकर ललितपुर CMO से बात की तो उन्होंने पूरे मामले में एक कमेटी बनाकर जांच के निर्देश देने की बात कही. उन्होंने कहा है कि जांच के बाद आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. साथ ही इस मामले को लेकर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ शासन को पत्र लिखने की भी बात सामने आई है.
कब की है घटना?
घटना बीती रात की है जब एक होमगार्ड सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था. राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए घायल को इलाज के लिए बार CHC पहुंचाया. लेकिन वहां तैनात डॉक्टर वंश गोपाल गुप्ता को बार-बार बुलाने के बावजूद वे कमरे से बाहर नहीं निकले. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार डॉक्टर साहब नशे में चड्डी-बनियान में अपने कमरे में पड़े हुए थे और फोन पर कॉल करने व दरवाज़ा खटखटाने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे थे.
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