राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और सरकार ने आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की रणनीति को लेकर रोडमैप तैयार करना शुरू कर दिया है। मंगलवार को लखनऊ के निराला नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल की मौजूदगी में संघ के आर्थिक समूह और मंत्रियों के साथ एक अहम समन्वय बैठक हुई। बैठक में रोजगार, रिक्त सरकारी पदों पर भर्ती, किसानों और गरीबों के मुद्दों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई गई।
बैठक में सहकारिता समेत विभिन्न विभागों में भर्ती की धीमी प्रक्रिया पर चिंता जताई गई। संघ ने सरकार को सुझाव दिया कि युवाओं को रोजगार देने और विभागों में खाली पदों पर शीघ्र नियुक्ति की जाए। किसानों को कर्ज से मुक्ति दिलाने और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाए।
बैठक में भारतीय किसान संघ, भारतीय मजदूर संघ, सहकार भारती, लघु उद्योग भारती जैसे संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। वहीं, वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर, श्रम मंत्री अनिल राजभर, उद्योग मंत्री नंद गोपाल नंदी और एमएसएमई मंत्री राकेश सचान जैसे कई बड़े मंत्री भी शामिल हुए।
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संविदा कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी चर्चा
भारतीय मजदूर संघ ने संविदा कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा सहित कई मुद्दे उठाए। किसान संघ ने पुराने कर्ज माफी जैसे विकल्पों पर पुनर्विचार करने की मांग की।
निष्क्रिय स्वयंसेवकों को सक्रिय करने की योजना
लोकसभा चुनाव 2024 में स्वयंसेवकों की निष्क्रियता से सबक लेते हुए संघ अब उन्हें दोबारा सक्रिय करने की योजना बना रहा है। संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने राजधानी में पदाधिकारियों के साथ बैठक कर निष्क्रिय स्वयंसेवकों की सूची बनाने और व्यक्तिगत संवाद के जरिये उन्हें दोबारा जोड़ने के निर्देश दिए।
उन्होंने गांवों में शाखाओं के विस्तार, पेशेवर युवाओं को जोड़ने और संघ के स्थापना शताब्दी वर्ष के अभियानों को प्रभावी ढंग से चलाने पर जोर दिया। भागवत ने कहा कि जनमानस में राष्ट्र चेतना का माहौल बनाते हुए शाखाओं का विस्तार किया जाए।
