लखनऊ — राजधानी के ओमैक्स न्यू हजरतगंज स्थित एक फ्लैट से उज्बेकिस्तान की दो महिलाओं को पकड़े जाने के बाद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इन महिलाओं ने अपनी पहचान छिपाने के लिए प्लास्टिक सर्जरी करवाई थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह सर्जरी लखनऊ के एक डॉक्टर ने की थी। यह पूरा मामला एक संगठित गैंग से जुड़ा है, जिसकी सरगना लोला कायूमोवा पर उज्बेकिस्तान में लुक आउट नोटिस जारी है।
गैंग की सरगना लोला कायूमोवा, जो कई सालों से भारत में रह रही है, ने ही महिलाओं को लखनऊ बुलाया था। वह लखनऊ निवासी त्रिजिन राज उर्फ अर्जुन राणा से शादी कर चुकी है, जो खुद को पत्रकार बताता है। पुलिस ने डॉक्टर विवेक गुप्ता और अर्जुन राणा के खिलाफ विदेशी अधिनियम समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है।
Also Read: चुनाव आयोग का नया आदेश: अब 45 दिन बाद डिलीट होंगे वीडियो, बढ़ी राजनीतिक हलचल
एफआरआरओ को मिली सूचना के आधार पर सुशांत गोल्फ सिटी स्थित फ्लैट-527 में छापा मारा गया। वहां से होलिडा और नीलोफर नाम की दो महिलाएं पकड़ी गईं, जो 18 जून से फ्लैट में रह रही थीं। पूछताछ में उन्होंने बताया कि लोला ने ही उन्हें भारत बुलाया था और डॉ. विवेक गुप्ता से मिलवाया, जिसने मामूली प्लास्टिक सर्जरी कर उन्हें विदेशी न दिखने जैसा बनाया।
महिलाओं का दावा है कि उनके पासपोर्ट और वीजा दो साल पहले खो गए थे। इसके बाद वे लोला और अर्जुन की मदद से लखनऊ में रह रही थीं। पुलिस को संदेह है कि इस गैंग के जरिए कई विदेशी महिलाओं को भारत लाकर अवैध गतिविधियों में धकेला गया है।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि डॉक्टर ने अब तक कितनी विदेशी महिलाओं की प्लास्टिक सर्जरी की है और किन-किन गतिविधियों में इनका इस्तेमाल किया गया।
( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )
