जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के बाद मामला अब सिर्फ एक सामान्य मृत्यु नहीं रह गया है, बल्कि यह एक रहस्यमयी और गंभीर जांच का विषय बन चुका है। इलाज के दौरान उन्हें एक नहीं बल्कि कई इंजेक्शन दिए जाने की बात सामने आने के बाद पूरे घटनाक्रम पर सवाल खड़े हो गए हैं। साध्वी की तबीयत बिगड़ने से लेकर उनकी मौत तक की कड़ी अब पुलिस की जांच के दायरे में है।
मामले में सबसे ज्यादा शक कंपाउंडर देवी सिंह राजपुरोहित की भूमिका को लेकर जताया जा रहा है। आरोप है कि इलाज के दौरान बिना स्पष्ट मेडिकल प्रोटोकॉल के कई इंजेक्शन लगाए गए, जिससे साध्वी की हालत और बिगड़ती चली गई। यही वजह है कि अब जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर कौन-से इंजेक्शन दिए गए और किसकी अनुमति से यह इलाज किया गया।
साध्वी प्रेम बाईसा की मौत ने स्थानीय लोगों और उनके अनुयायियों में गहरी नाराजगी और बेचैनी पैदा कर दी है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह मेडिकल लापरवाही का मामला है या इसके पीछे कोई और वजह छिपी है। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं और निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।
पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने SIT का गठन किया है। यह विशेष जांच टीम पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल रिकॉर्ड, दवाइयों की सूची और इलाज से जुड़े हर दस्तावेज को खंगाल रही है। जांच का मकसद यह पता लगाना है कि इलाज सही दिशा में किया गया था या किसी स्तर पर गंभीर चूक हुई।
सूत्रों के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस केस में बेहद अहम मानी जा रही है। रिपोर्ट से यह साफ हो सकेगा कि मौत इंजेक्शन के रिएक्शन से हुई या पहले से मौजूद किसी बीमारी ने जान ली। इसके साथ-साथ यह भी देखा जा रहा है कि इंजेक्शन की मात्रा और समय सही था या नहीं।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इलाज के दौरान डॉक्टर की मौजूदगी थी या नहीं, और अगर थी तो फैसले किस स्तर पर लिए गए। अगर किसी ने बिना योग्यता या अनुमति के इलाज किया, तो यह मामला और भी गंभीर रूप ले सकता है। SIT हर उस व्यक्ति से पूछताछ कर रही है जो साध्वी के इलाज से जुड़ा रहा।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि धार्मिक और आध्यात्मिक व्यक्तियों के इलाज में लापरवाही क्यों सामने आती है। साध्वी प्रेम बाईसा की पहचान एक श्रद्धेय संत के रूप में थी, ऐसे में उनकी मौत को लेकर संवेदनाएं और भी ज्यादा जुड़ी हुई हैं।
फिलहाल, पुलिस और SIT की जांच जारी है और सभी की नजरें रिपोर्ट पर टिकी हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि साध्वी प्रेम बाईसा की मौत एक दुर्भाग्यपूर्ण मेडिकल घटना थी या किसी गंभीर लापरवाही का नतीजा। सच चाहे जो भी हो, यह मामला अब न्याय और जवाबदेही की कसौटी पर है।
written by – Anjali Mishra
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