समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी पर जोरदार हमला बोला। पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है कि संविधान को बचाने की निर्णायक लड़ाई लड़ी जाए।उन्होंने ऐलान किया कि समाजवादी पार्टी अब हर साल संविधान दिवस को संविधान मान स्तंभ स्थापना दिवस के रूप में मनाएगी। अखिलेश ने कहा कि यह दिन डॉ. अंबेडकर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और शाहू जी महाराज के सिद्धांतों को दोहराने और उनके रास्ते पर चलने का संकल्प लेने का होगा।
“भाजपा सत्ता के लिए संविधान का दुरुपयोग करती है”
अखिलेश यादव ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह सत्ता पाने के लिए संविधान की बात करती है, लेकिन सत्ता में आते ही उसी संविधान को दरकिनार कर देती है। उन्होंने कहा, “भाजपा की निष्ठा संविधान में नहीं, बल्कि सत्ता में है। यह ‘मैं बनाम हम’ की लड़ाई है – जहां भाजपा व्यक्ति केंद्रित है, वहीं हम समाजवाद और साझी संस्कृति में विश्वास रखते हैं।”उन्होंने कहा कि देश में आज प्रभुत्ववादी ताकतों के खिलाफ PDA (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) एकजुट होकर संघर्ष कर रहे हैं। “PDA सकारात्मक राजनीति का प्रतीक है, जबकि भाजपा और NDA निगेटिव सोच वाले गठजोड़ हैं।”
Also Read: चुनाव आयोग का नया आदेश: अब 45 दिन बाद डिलीट होंगे वीडियो, बढ़ी राजनीतिक हलचल
“दलितों को निशाना बना रही भाजपा सरकार”
दलित उत्पीड़न का उदाहरण देते हुए अखिलेश ने इटावा की कथावाचक किशोरी का ज़िक्र किया, जिसकी चोटी काटने की घटना को उन्होंने “राजनीतिक साजिश” बताया। उनका आरोप था कि यह सब दो डिप्टी सीएम के इशारे पर हुआ। उन्होंने व्यंग्य किया, “अगर डोनाल्ड ट्रंप को इटावा की घटना पता चले, तो वे भी दंग रह जाएंगे।”
“भाजपा हड़प रही है जनता की ज़मीन”
गोरखपुर और अयोध्या में ज़मीन अधिग्रहण के मामलों को लेकर अखिलेश ने भाजपा पर “मनमानी” करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि “पहले कम रेट पर ज़मीन ली गई, अब जबरन रेट बढ़ाए जा रहे हैं। पुलिस अब बुलडोजर के साथ चल रही है, ताकि विरोध की आवाज़ को कुचला जा सके।”
बिहार और भाजपा पर दो टूक
बिहार के सियासी हालात पर बोलते हुए अखिलेश ने कहा कि भाजपा वहाँ बुरी तरह हार रही है। उन्होंने साफ किया कि समाजवादी पार्टी तेजस्वी यादव के साथ है और मिलकर भाजपा को हराएगी। तेज प्रताप यादव से वीडियो कॉल विवाद पर उन्होंने कहा कि “हम राजनीतिक लोग हैं, बात करना स्वाभाविक है।”ओपी राजभर पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, “पहले समाजवादी पार्टी के गुलाम थे, अब भाजपा की गोद में बैठ गए हैं।”
अंत में अखिलेश ने भाजपा को “जाति और धर्म का झगड़ा फैलाकर असली मुद्दों से ध्यान भटकाने वाली पार्टी” बताया।
( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )
