योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार (2017 से अब तक) में समाजवादी पार्टी (सपा) के कई नेताओं पर विभिन्न आपराधिक मामलों में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। 2024 तक, कम से कम 21 सपा सांसदों और विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किये गए है आइए बतातें है किन किन सपाइयों पर सरकार की हुई मेहरबानी ऐसा मैं इस लिए कह रहा हु क्यो की मुख्य विपक्षी दल के ये आरोप है
आजम खान
पृष्ठभूमि: सपा के वरिष्ठ नेता, रामपुर से 10 बार विधायक और पूर्व सांसद। समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक, जिनका उत्तर प्रदेश की मुस्लिम राजनीति में बड़ा प्रभाव रहा है।
मुकदमों की संख्या: 100 से अधिक मामले दर्ज, जिनमें से 89 से ज्यादा केस 2017 से 2019 के बीच दर्ज हुए।
प्रमुख मामले:
जमीन कब्जा और भू-माफिया: आजम खान पर जौहर यूनिवर्सिटी के लिए किसानों की जमीन हड़पने का आरोप। 2019 में उन्हें रामपुर में भू-माफिया घोषित किया गया।
डूंगरपुर प्रकरण: 2016 में सरकारी जमीन पर बने मकानों को तोड़ने, लूटपाट, मारपीट और धमकी देने के आरोप में 2019 में 12 मुकदमे दर्ज। मार्च 2024 में रामपुर की MP-MLA कोर्ट ने उन्हें 7 साल की सजा सुनाई।
फर्जी जन्म प्रमाणपत्र: बेटे अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र बनवाने और दुरुपयोग के मामले में आजम, उनकी पत्नी तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला को 7-7 साल की सजा। इस मामले में उनकी विधायकी 2022 में रद्द हुई।
शत्रु संपत्ति मामला: सरकारी रिकॉर्ड में हेराफेरी कर शत्रु संपत्ति हड़पने का आरोप। 2025 में इस मामले में अतिरिक्त चार्जशीट दाखिल।
अन्य आरोप: भैंस चोरी, मनी लॉन्ड्रिंग, जल निगम भर्ती घोटाला, और गाली-गलौज जैसे मामले।
आजम खान सीतापुर जेल में बंद हैं। 2022 में कुछ समय के लिए जमानत पर रिहा हुए, लेकिन फिर जेल गए। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2024 में कुछ मामलों में जमानत दी, लेकिन कई मामलों में राहत नहीं मिली।
इरफान सोलंकी
पृष्ठभूमि: सपा के पूर्व विधायक, कानपुर की शीशमऊ सीट से प्रतिनिधित्व। सपा में प्रभावशाली मुस्लिम नेता, है
मुकदमे:
2011 में विवाद: महिला IAS अधिकारी रितु माहेश्वरी के कार्यालय में घुसकर दुर्व्यवहार। गिरफ्तारी के बाद माफी मांगने पर मामला शांत हुआ।
आगजनी और अन्य मामले: 2022 में आगजनी और दंगा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार। उनके समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई।
वर्तमान स्थिति: इरफान सोलंकी जेल में हैं।
अब्दुल्ला आजम
पृष्ठभूमि: आजम खान के बेटे, पूर्व स्वार विधायक।
मुकदमे:
फर्जी जन्म प्रमाणपत्र: 2017 के चुनाव में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र का उपयोग कर स्वार सीट से जीत हासिल की, लेकिन बाद में कोर्ट ने उनकी विधायकी रद्द कर दी। 7 साल की सजा सुनाई गई।
स्टांप चोरी: 2022 में जमीन खरीद में कृषि भूमि को आवासीय दर्शाकर 1.68 करोड़ रुपये की स्टांप चोरी का आरोप। DM कोर्ट में मामला लंबित।
वर्तमान स्थिति: हाल ही में हरदोई जेल से जमानत पर रिहा।
अफजाल अंसारी
पृष्ठभूमि: गाजीपुर से सपा सांसद, माफिया-नेता मुख्तार अंसारी के भाई।
मुकदमे: 5 आपराधिक मामले दर्ज, जिनमें गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई शामिल। 2023 में उनकी सांसदी रद्द हुई थी, लेकिन कोर्ट से राहत मिली।
वर्तमान स्थिति: सक्रिय राजनीति में। सपा उनकी सियासी साख को बनाए रखने की कोशिश में है।
जाहिद बेग
पृष्ठभूमि: भदोही सदर से सपा विधायक।
मुकदमे: आपराधिक मामले दर्ज, जिसमें हिंसा और अन्य आरोप शामिल। वर्तमान में जेल में।
वर्तमान स्थिति: उनके खिलाफ कार्रवाई ने सपा के स्थानीय प्रभाव को कमजोर किया है।
रमाकांत यादव
पृष्ठभूमि: सपा के पूर्व विधायक।
मुकदमे: आपराधिक मामलों में गिरफ्तार। सटीक आरोपों की जानकारी सीमित, लेकिन जेल में हैं।
वर्तमान स्थिति: जेल में बंद, सपा ने उनके मामले में ज्यादा सक्रियता नहीं दिखाई।
नाहिद हसन
पृष्ठभूमि: कैराना से पूर्व सपा विधायक।
मुकदमे: 2021 में गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज।
वर्तमान स्थिति: जमानत पर रिहा, लेकिन उनकी सियासी सक्रियता कम हुई है।
जियाउर रहमान बर्क
पृष्ठभूमि: संभल से सपा सांसद।
मुकदमे: जमीन कब्जा और अन्य आपराधिक मामलों में नामजद। उनकी तुलना आजम खान से की जाती है, लेकिन सियासी कद छोटा है।
वर्तमान स्थिति: सक्रिय, लेकिन सपा में उनकी पकड़ सीमित
अन्य नेता
योगेश प्रताप सिंह, सैय्यदा खातून, तूफानी सरोज, दीप नारायण सिंह, रामेश्वर सिंह यादव, महबूब अली: इन सपा नेताओं पर भी विभिन्न आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हिंसा, जमीन कब्जा, और गैंगस्टर एक्ट जैसे आरोप शामिल हैं। इनमें से कई जेल में हैं या जमानत पर बाहर हैं, लेकिन सपा ने इनके मामलों में कम सक्रियता दिखाई।
कुल मिलाकर
21 नेताओं पर मुकदमे: सपा के 21 मौजूदा और पूर्व सांसदों/विधायकों पर मामले दर्ज हैं।
आरोपों की प्रकृति: जमीन कब्जा, फर्जी दस्तावेज, गैंगस्टर एक्ट, हिंसा, और भ्रष्टाचार जैसे मामले प्रमुख हैं।
सपा का दावा: अखिलेश यादव और अन्य सपा नेता इन मुकदमों को राजनीतिक साजिश और बदले की कार्रवाई बताते हैं।
