बसपा सुप्रीमो मायावती ने सपा और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इन दलों में अब न तो राजनीतिक ईमानदारी बची है और न ही साहस, इसलिए ये लोग बिना सोचे-समझे बेबुनियाद बातें फैला रहे हैं।
लखनऊ में 9 अक्तूबर को हुई बसपा की रैली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की सराहना करने के बाद विपक्ष के निशाने पर आईं मायावती ने अब करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रति आभार जताना इन पार्टियों को रास नहीं आया।
मायावती ने सरकारी बसों के इस्तेमाल के आरोपों को पूरी तरह झूठा करार दिया। उन्होंने कहा कि बसपा समर्थक अपनी निजी बसों और ट्रेनों का किराया खुद चुका कर दूर-दराज से रैली में शामिल होने आए थे।
बसपा प्रमुख ने याद दिलाया कि सपा सरकार के कार्यकाल में बीएसपी शासन में बने स्मारक और पार्क उपेक्षा के शिकार रहे, जबकि योगी सरकार ने उनके अनुरोध पर टिकटों से प्राप्त धन से उनका रखरखाव कराया। उन्होंने कहा कि यही कारण था कि उन्होंने रैली में सरकार का आभार व्यक्त किया था, लेकिन सपा-कांग्रेस इसे “मिलीभगत” बताकर राजनीतिक विद्वेष फैला रहे हैं।
मायावती ने कहा कि सपा और कांग्रेस को दलितों की चिंता दिखाने का दिखावा बंद कर देना चाहिए और बसपा कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे इस तरह के भ्रम फैलाने वाले बयानों से सावधान रहें।
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