पश्चिम बंगाल में मतगणना से पहले राजनीतिक माहौल फिर से गरमा गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुरुलिया में अपने तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने के सख्त निर्देश दिए हैं।
ममता बनर्जी ने कहा कि कार्यकर्ता किसी भी तरह की अफवाहों पर भरोसा न करें और काउंटिंग के दौरान पूरी तरह सावधान रहें। उन्होंने यह भी कहा कि बाहर का खाना न खाया जाए और मतगणना केंद्रों को किसी भी हालत में न छोड़ा जाए, ताकि पूरी प्रक्रिया पर नजर बनी रहे।
उन्होंने निर्देश दिया कि काउंटिंग से जुड़ी हर अपडेट पर लगातार नजर रखी जाए और अगर कहीं ईवीएम में गड़बड़ी का शक हो तो तुरंत शिकायत दर्ज कराई जाए। जरूरत पड़ने पर दोबारा मतदान की मांग करने को भी कहा गया है।
दूसरी तरफ, ममता बनर्जी ने एग्जिट पोल के आकलनों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने इन्हें जनता की राय नहीं बल्कि राजनीतिक असर डालने का प्रयास बताया।
उनका कहना है कि एग्जिट पोल को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके हैं, खासकर 2021 और 2024 के चुनावों के दौरान, और इस बार भी उसी तरह माहौल प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
ममता बनर्जी ने यहां तक कहा कि एग्जिट पोल को “शेयर बाजार में हेरफेर” की कोशिश की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि जनता की धारणा बदली जा सके।
उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस इस बार भी मजबूत स्थिति में है और पार्टी 200 से ज्यादा सीटों के अंतर से जीत दर्ज कर सकती है।
उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है, क्योंकि विपक्षी दल लगातार एग्जिट पोल और जमीनी हालात को लेकर अलग-अलग दावे कर रहे हैं।
कुल मिलाकर, काउंटिंग से पहले पश्चिम बंगाल में तनाव और सतर्कता दोनों बढ़ गई हैं, और अब सबकी नजरें नतीजों पर टिकी हैं कि जनता का असली फैसला क्या होगा।
written by :- Anjali Mishra
( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )
