बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के माहौल में बीजेपी के स्टार प्रचारक और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरी रफ्तार में नजर आ रहे हैं। चुनावी तापमान जैसे-जैसे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे योगी आदित्यनाथ की रैलियों का दायरा भी तेजी से फैल रहा है। आज उन्होंने बिहार के तीन अलग-अलग जिलों में जनसभाओं को संबोधित किया, जहां उन्होंने एनडीए सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा और विपक्ष पर तीखे प्रहार किए। सुबह 11:15 बजे उन्होंने सिवान जिले के रघुनाथपुर के राजपुर खेल मैदान में पहली रैली को संबोधित किया, जहां भारी भीड़ ने उनका स्वागत किया।
इसके बाद योगी आदित्यनाथ दोपहर 12:45 बजे भोजपुर जिले के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के डुमरिया पहुंचे, जहां उन्होंने बीजेपी प्रत्याशी के समर्थन में वोट की अपील की। अपने भाषण में योगी ने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की शक्ति बन रहा है और बिहार को भी अब उस विकास यात्रा का हिस्सा बनना चाहिए।” उन्होंने महागठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि “जो लोग सिर्फ परिवार की राजनीति करते हैं, वे बिहार का विकास कभी नहीं कर सकते।” योगी के भाषण के दौरान भीड़ ने “जय श्रीराम” और “मोदी-योगी जिंदाबाद” के नारे लगाए।
दिन की तीसरी जनसभा योगी आदित्यनाथ ने दोपहर 2:15 बजे बक्सर के आईटीआई ग्राउंड में की, जहां उन्होंने फिर से जनता से बीजेपी को भारी समर्थन देने की अपील की। उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार “गरीबों के अधिकार और युवाओं के अवसर” की सरकार है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में एनडीए की सरकार बनने के बाद विकास की रफ्तार दोगुनी होगी और कानून-व्यवस्था पहले से भी मजबूत बनेगी। उन्होंने कहा कि “अब बिहार को अपराध और भ्रष्टाचार से मुक्त करना है, जिसके लिए बीजेपी का साथ जरूरी है।”
योगी आदित्यनाथ की ये रैलियां न केवल बीजेपी के कार्यकर्ताओं में जोश भर रही हैं, बल्कि विपक्ष के लिए भी चुनौती बनती जा रही हैं। हर सभा में उमड़ रही भीड़ यह संकेत दे रही है कि बिहार में एनडीए के समर्थन का आधार मजबूत हो रहा है। वहीं, बीजेपी की रणनीति यह है कि योगी की छवि को “सख्त प्रशासक” और “हिंदुत्व के चेहरे” के रूप में पेश कर, पार्टी को हिंदू वोट बैंक के साथ-साथ विकास के मुद्दे पर भी मजबूती दी जाए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि योगी आदित्यनाथ बिहार चुनाव में बीजेपी के लिए “गेम चेंजर” की भूमिका निभा सकते हैं। उनके भाषणों में धार्मिक आस्था, राष्ट्रवाद और सुशासन का मेल देखने को मिलता है, जो बिहार के ग्रामीण और अर्धशहरी वोटरों पर सीधा असर डालता है। आने वाले दिनों में योगी की और भी रैलियों की योजना है, जिससे यह स्पष्ट है कि बीजेपी ने अपने सबसे प्रभावशाली स्टार प्रचारक को बिहार की चुनावी जंग में पूरी ताकत से उतार दिया है।
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