back to top
Thursday, May 7, 2026
28 C
Lucknow
HomeGovernment2027 में पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना, नए जिलों के गठन पर...

2027 में पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना, नए जिलों के गठन पर रोक

भारत सरकार ने 2027 में होने वाली जनगणना को पूरी तरह डिजिटल करने की घोषणा की है। यह देश के इतिहास में पहली बार होगा जब जनगणना पूरी तरह से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर की जाएगी। इस बार हर नागरिक का डेटा मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से एकत्र किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया न केवल पारदर्शी बल्कि तेज़ और सटीक भी होगी। केंद्र सरकार का मानना है कि डिजिटल जनगणना से डेटा संग्रह और विश्लेषण में त्रुटियों की संभावना बेहद कम हो जाएगी, साथ ही जनगणना के परिणाम भी पहले की तुलना में बहुत जल्दी जारी किए जा सकेंगे।

गृह मंत्रालय ने साफ किया है कि जनगणना 2027 के लिए नई कार्यप्रणाली और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके तहत जनगणना कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे डिजिटल डिवाइस और सॉफ्टवेयर का सही उपयोग कर सकें। नागरिकों के लिए भी सेल्फ-एन्यूमरेशन (स्वयं विवरण भरने) की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे लोग अपने मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए खुद अपना विवरण दर्ज कर सकेंगे। यह पहल ‘डिजिटल इंडिया’ के विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

इसके साथ ही केंद्र सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है — नई जिलों के गठन पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। इसका मतलब है कि जनगणना 2027 तक किसी भी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश में नए जिले नहीं बनाए जाएंगे। गृह मंत्रालय का कहना है कि ऐसा इसलिए किया गया है ताकि जनगणना के दौरान प्रशासनिक सीमाओं में कोई बदलाव न हो और डेटा संग्रह सुचारू रूप से किया जा सके। जिलों की सीमाओं में बदलाव जनगणना के आंकड़ों को प्रभावित कर सकता है, इसलिए यह रोक अस्थायी तौर पर लगाई गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार की डिजिटल जनगणना कई मायनों में ऐतिहासिक होगी। यह न केवल आबादी, साक्षरता और रोजगार जैसे पारंपरिक आंकड़ों को शामिल करेगी, बल्कि प्रवासन, इंटरनेट कनेक्टिविटी, डिजिटल पहुंच और जलवायु प्रभाव जैसे आधुनिक संकेतकों को भी मापेगी। इस डेटा का इस्तेमाल नीति निर्माण, विकास योजनाओं और संसाधनों के वितरण में किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक को योजनाओं का लाभ “एक क्लिक” पर मिल सके।

जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। केंद्र ने राज्यों को आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक दिशा-निर्देश भेज दिए हैं। उम्मीद है कि इस जनगणना के जरिए भारत डेटा-आधारित शासन मॉडल की दिशा में एक नया अध्याय खोलेगा। यह न केवल देश के विकास की गति तय करेगी, बल्कि यह भी दिखाएगी कि भारत किस तेजी से डिजिटल समाज बनने की ओर अग्रसर है।

( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )

Livenewsx
Livenewsxhttp://www.livenewsx.in
we are digtal news platform.we are covering social facts politics national international news breaking
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments