श्रीराधारानी के साधक संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम में बुधवार का दिन भक्ति और संगीत के सुरों से सराबोर रहा। इस दिन गुजरात की मशहूर भजन गायिका गीता रबारी आश्रम पहुंचीं, जहां उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। गीता रबारी, जिन्हें “कच्छ की कोयल” के नाम से भी जाना जाता है, ने अपने मधुर स्वर में श्रीकृष्ण भजन प्रस्तुत किया, जिसकी ध्वनि से पूरा आश्रम भक्तिभाव में डूब गया।
उनकी गायकी सुनकर संत प्रेमानंद महाराज गदगद हो उठे और बोले कि “भक्ति का सच्चा स्वर वही है जो आत्मा को भगवान से जोड़ दे।” भजन के दौरान वहां उपस्थित भक्त भी भावविभोर होकर झूम उठे। इस मौके पर भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों से आए श्रद्धालु भी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान एक विदेशी महिला श्रद्धालु ने भी संत प्रेमानंद से आध्यात्मिक वार्ता की और भारतीय सनातन संस्कृति की गहराई को समझने की इच्छा जताई।
पूरे आश्रम में उस क्षण दिव्यता और भक्ति का वातावरण छा गया — जहां एक ओर भजन की मधुर ध्वनि गूंज रही थी, वहीं दूसरी ओर संत प्रेमानंद के वचनों से आत्मा को शांति मिल रही थी। गीता रबारी की उपस्थिति ने आश्रम के वातावरण को और भी पवित्र बना दिया, मानो संगीत और साधना एक साथ साकार हो उठे हों।
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