भारतीय क्रिकेट के हिटमैन रोहित शर्मा ने एक बार फिर अपनी विस्फोटक बल्लेबाज़ी से इतिहास लिख दिया है। रांची में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले गए पहले वनडे में रोहित ने ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसे दुनिया भर के क्रिकेट प्रशंसक लंबे समय तक याद रखेंगे। 51 गेंदों पर 57 रन की तेज़तर्रार पारी में रोहित ने 3 गगनचुंबी छक्के और 5 चौके जड़े, लेकिन असली धमाका तब हुआ जब उनका तीसरा छक्का हवा को चीरता हुआ स्टैंड में जा गिरा और इसी के साथ एक वर्ल्ड रिकॉर्ड टूट चुका था। यह छक्का सिर्फ एक शॉट नहीं था, बल्कि वनडे क्रिकेट के इतिहास में एक नया अध्याय था, जहाँ रोहित शर्मा सबसे ज़्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बन गए।
पाकिस्तान के शाहिद अफरीदी का 351 छक्कों का रिकॉर्ड लंबे समय तक क्रिकेट में एक बेंचमार्क माना जाता था। अफरीदी ने यह आंकड़ा 398 मैचों में छुआ था, लेकिन रोहित शर्मा ने इसे सिर्फ 277 मैचों में तोड़ डाला यानी कम मैच, ज्यादा प्रहार और कहीं ज्यादा प्रभावशाली स्ट्राइकिंग। यह सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि रोहित की उस आक्रामक और क्लासी बैटिंग का प्रमाण है, जिसने पिछले एक दशक में वनडे क्रिकेट को नए आयाम दिए हैं। जब उनका तीसरा छक्का निकला, पूरा स्टेडियम खड़ा हो गया, साथी खिलाड़ियों ने तालियां बजाईं और लाखों फैंस ने मोबाइल स्क्रीन पर इतिहास बनते देखा।
इस उपलब्धि ने क्रिकेट जगत में रोहित शर्मा की विरासत को और भी ऊँचा कर दिया है। हिटमैन के नाम दुनिया की कई बड़ी टीमों और गेंदबाज़ों के खिलाफ अविश्वसनीय पारियां दर्ज हैं, लेकिन वनडे में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने का रिकॉर्ड, क्रिकेट के सबसे रोमांचक क्षणों में गिना जाएगा। यह दिखाता है कि रोहित की ताकत सिर्फ ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ी नहीं, बल्कि अपने अंदाज़ को सालों तक बनाए रखने की निरंतरता भी है। उनकी टाइमिंग, फुटवर्क और आसान-सी दिखने वाली शक्ति इन्हीं ने उन्हें छक्कों का बादशाह बना दिया है।
स्टेडियम में मौजूद दर्शक तो झूम ही उठे, लेकिन असली हलचल सोशल मीडिया पर दिखी। ट्विटर से लेकर इंस्टाग्राम तक, ‘हिटमैन रोहित शर्मा’ ट्रेंड करने लगे। फैंस ने वीडियो, ग्राफिक्स और भावनाओं से भरे मैसेज शेयर किए। लोग लिखने लगे, “रिकॉर्ड नहीं टूटते, रोहित इसे तोड़ते हैं!” यह वह पल था जब हर भारतीय फैन का सीना गर्व से चौड़ा हो गया, और दुनिया ने एक बार फिर स्वीकार किया कि सफेद गेंद क्रिकेट में रोहित से बड़ा ‘सिक्स मशीन’ कोई नहीं।
यह उपलब्धि भारत के लिए भी खास है, क्योंकि रोहित हमेशा बड़े मौकों पर टीम को नई दिशा देते रहे हैं। उनका यह रिकॉर्ड आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा बनकर रहेगा कि क्लास और पावर, दोनों साथ चल सकते हैं। रोहित शर्मा का नाम अब सिर्फ भारतीय क्रिकेट इतिहास में नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के स्वर्णिम रिकॉर्ड्स में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है।
( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )
