रणवीर सिंह की आने वाली फिल्म ‘धुरंधर’ रिलीज़ से पहले ही सुर्खियों में आ गई है, लेकिन इस बार कारण सिर्फ फिल्म का ग्लैमरस पोस्टर या स्टार कास्ट नहीं, बल्कि विवाद बन गया है। मेजर मोहित शर्मा के परिवार ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर फिल्म पर स्टे लगाने की मांग की है। उनका आरोप है कि फिल्म में उनके बेटे की ज़िंदगी के अहम हिस्से बिना अनुमति के दिखाए जा रहे हैं, जिससे परिवार और नज़दीकी लोग मानसिक रूप से परेशान हैं।
फिल्म के डायरेक्टर आदित्य धर ने हालांकि साफ़ किया है कि यह फिल्म मेजर मोहित शर्मा पर आधारित नहीं है और रणवीर सिंह का किरदार किसी व्यक्ति विशेष से प्रेरित नहीं है। लेकिन सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में यह चर्चा तेज़ हो गई है कि रणवीर का किरदार कहीं न कहीं मेजर मोहित शर्मा की शौर्य गाथा से प्रेरित लगता है। इस बात ने परिवार के सदस्यों में चिंता और गुस्सा दोनों बढ़ा दिया है।
मेजर मोहित शर्मा के भाई मधुर शर्मा ने कहा कि फिल्म मेकर्स को परिवार के सामने साफ़-साफ़ यह बात रखनी चाहिए। उनका कहना है कि बिना किसी स्पष्टीकरण के सोशल मीडिया पर हो रही अटकलें उनके माता–पिता को और मानसिक दबाव दे रही हैं। यह भावनात्मक मामला है, इसलिए परिवार चाहता है कि कोर्ट में यह मुद्दा उचित तरीके से सुलझाया जाए।
सवाल उठता है कि क्या फिल्मों में स्वतंत्रता होती है, या जब असली जीवन की घटनाओं से प्रेरणा ली जाए तो परिवार की भावनाओं का भी ख्याल रखना ज़रूरी है। यह विवाद भारतीय सिनेमा में अक्सर सामने आता रहा है जहाँ वास्तविक जीवन और स्क्रीन पर दिखाए जाने वाले किरदार के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण होता है।
फिल्म के मेकर्स ने कहा है कि उन्होंने कहानी में किसी व्यक्ति विशेष का नाम या पहचान शामिल नहीं की है, लेकिन रणवीर सिंह की स्टार पावर और चरित्र की बहादुरी देखकर लोग आसानी से कनेक्शन जोड़ रहे हैं। यही कारण है कि परिवार ने कोर्ट का रुख किया है, ताकि मामले की स्पष्टता और सम्मान बनी रहे।
सभी की नज़र अब दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर लगी हुई है। कोर्ट का निर्णय फिल्म इंडस्ट्री और समाज के लिए भी एक अहम मिसाल बनेगा कि कहां तक कलाकारों की रचनात्मक स्वतंत्रता है और कहां तक असली जीवन के नज़दीकी अधिकार।
फिल्म के रिलीज़ डेट 5 दिसंबर के करीब होने के कारण, ये विवाद फिल्म की प्रचार योजना और दर्शकों की उत्सुकता पर भी असर डाल सकता है। सोशल मीडिया पर लोग इस मामले पर बहस कर रहे हैं कुछ रणवीर सिंह और फिल्म का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ परिवार की भावनाओं को सही ठहरा रहे हैं।
इस पूरी घटना ने एक बार फिर दिखाया कि सिनेमा सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि संवेदनशील मुद्दों और वास्तविक जीवन से जुड़ी चुनौतियों का भी हिस्सा बन सकता है। विवाद, आलोचना और कानूनी चुनौती सब मिलकर फिल्म के इर्द-गिर्द अलग ही चर्चा का माहौल बना रहे हैं।
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