इटली में आयोजित G7 Summit के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और उसके वैश्विक प्रभावों को लेकर बड़ा मुद्दा उठाया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मौजूदगी में पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी संघर्ष का असर सिर्फ उस क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था, व्यापार और सुरक्षा पर इसका प्रभाव पड़ता है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने हालिया अमेरिकी हमले में जान गंवाने वाले तीन नाविकों का जिक्र करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने कई देशों को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि संघर्ष के कारण आम लोगों और समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया को ऐसी स्थिति से बचने के लिए शांति और स्थिरता की दिशा में काम करना होगा।
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से Strait of Hormuz का मुद्दा उठाया, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रभावित कर सकता है और इसका सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
पीएम मोदी ने समुद्री रास्तों की सुरक्षा को बेहद जरूरी बताते हुए कहा कि दुनिया के नाविक बिना डर और खतरे के अपना काम कर सकें, इसके लिए सुरक्षित समुद्री मार्ग सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा कि समुद्री व्यापार केवल आर्थिक गतिविधि नहीं है, बल्कि यह करोड़ों लोगों की आजीविका और देशों की आपूर्ति व्यवस्था से जुड़ा हुआ है।
G7 जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की ओर से यह मुद्दा उठाना इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि भारत पश्चिम एशिया के देशों के साथ मजबूत आर्थिक और ऊर्जा संबंध रखता है। खाड़ी क्षेत्र में किसी भी अस्थिरता का असर भारत समेत कई देशों पर पड़ सकता है, खासकर ऊर्जा कीमतों और व्यापार मार्गों के जरिए।
पीएम मोदी ने अपने बयान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि वैश्विक चुनौतियों का समाधान टकराव से नहीं बल्कि बातचीत और सहयोग से निकलेगा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि सभी देशों को मिलकर ऐसी परिस्थितियां बनानी चाहिए जहां शांति, सुरक्षा और व्यापार निरंतर जारी रह सके।
इस दौरान पश्चिम एशिया संघर्ष का मुद्दा G7 नेताओं के बीच चर्चा का एक अहम विषय बना रहा। दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाएं इस बात को लेकर चिंतित हैं कि लंबे समय तक चलने वाला तनाव ऊर्जा बाजार, सप्लाई चेन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को कितना प्रभावित कर सकता है।
कुल मिलाकर G7 मंच से पीएम मोदी का संदेश साफ था—समुद्री सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता आज पूरी दुनिया की जरूरत है। पश्चिम एशिया में शांति स्थापित होना सिर्फ क्षेत्रीय मुद्दा नहीं, बल्कि पूरी वैश्विक व्यवस्था और अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी है।
written by :- Anjali Mishra
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