उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले रोजगार और सरकारी भर्तियों का मुद्दा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। सरकार ने दावा किया है कि वर्ष 2017 से 2026 के बीच प्रदेश में 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। इसके साथ ही सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) तथा स्टार्टअप सेक्टर के माध्यम से 3 करोड़ से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की बात भी कही गई है।
Yogi Adityanath सरकार अब 2027 विधानसभा चुनाव से पहले रोजगार के मोर्चे पर एक और बड़ा कदम उठाने की तैयारी में दिखाई दे रही है। जानकारी के अनुसार, राज्य के विभिन्न विभागों में 1.5 लाख से अधिक पदों पर नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की योजना बनाई जा रही है।
इन प्रस्तावित भर्तियों में पुलिस, शिक्षा, राजस्व, होमगार्ड और कई अन्य महत्वपूर्ण विभाग शामिल बताए जा रहे हैं। सरकार का मानना है कि इससे न केवल विभागों में रिक्त पदों को भरा जा सकेगा, बल्कि बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
सबसे ज्यादा चर्चा शिक्षा विभाग और पुलिस विभाग की संभावित भर्तियों को लेकर हो रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, शिक्षा विभाग में लगभग 50 हजार पदों पर भर्ती की तैयारी चल रही है। यदि यह प्रक्रिया शुरू होती है, तो लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे लाखों अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिल सकती है।
वहीं पुलिस विभाग में 1 लाख से अधिक पदों पर भर्ती की संभावना जताई जा रही है। यह राज्य की सबसे बड़ी भर्ती प्रक्रियाओं में से एक हो सकती है। कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और पुलिस बल में रिक्तियों को भरने के उद्देश्य से इन पदों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजस्व और होमगार्ड विभागों में भी नई नियुक्तियों की चर्चा है। इन विभागों में लंबे समय से रिक्त पड़े पदों को भरने की मांग उठती रही है। नई भर्ती प्रक्रिया शुरू होने पर प्रशासनिक कार्यों की गति बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।
सरकार का कहना है कि रोजगार सृजन उसकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकारी नौकरियों के साथ-साथ MSME, औद्योगिक निवेश और स्टार्टअप इकोसिस्टम के माध्यम से भी युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
हालांकि, भर्ती से जुड़े अंतिम आंकड़े, विज्ञापन, पात्रता और चयन प्रक्रिया की आधिकारिक घोषणा संबंधित भर्ती एजेंसियों और विभागों द्वारा जारी किए जाने के बाद ही स्पष्ट होगी। इसलिए अभ्यर्थियों को आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जाती है।
फिलहाल इतना तय है कि यदि प्रस्तावित भर्तियां तय समय पर शुरू होती हैं, तो उत्तर प्रदेश में लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुल सकते हैं और 2027 के चुनावी माहौल में रोजगार एक बार फिर प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बन सकता है।
written by :- Anjali Mishra
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