अगर आप लंबे समय से सोना या चांदी खरीदने का इंतजार कर रहे थे, तो बाजार से आई यह खबर आपके चेहरे पर मुस्कान ला सकती है। पिछले कुछ दिनों में कीमती धातुओं की कीमतों में ऐसी गिरावट देखने को मिली है, जिसने खरीदारों को बड़ी राहत दी है। खासकर चांदी की कीमतों में आई तेज गिरावट ने बाजार को चौंका दिया है। सिर्फ दो दिनों के भीतर चांदी करीब ₹16,000 प्रति किलो तक टूट गई है, जबकि आज अकेले ही इसकी कीमत में ₹5,448 की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। वहीं सोना भी लगातार नरम पड़ता नजर आ रहा है और इसकी कीमत में भी उल्लेखनीय कमी आई है।
बाजार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक सोना ₹2,817 की गिरावट के साथ करीब ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। यह गिरावट उन लोगों के लिए राहत लेकर आई है, जो पिछले कुछ हफ्तों से बढ़ती कीमतों के कारण खरीदारी टाल रहे थे। कुछ समय पहले तक सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं, जिसके चलते आम खरीदारों के लिए खरीदारी करना मुश्किल होता जा रहा था। लेकिन अब कीमतों में आई नरमी ने बाजार का माहौल बदल दिया है।
सबसे ज्यादा चर्चा चांदी की कीमतों को लेकर हो रही है। जिस चांदी ने कुछ ही समय पहले रिकॉर्ड स्तर छुआ था, वही अब लगातार गिरावट के दौर से गुजर रही है। केवल दो दिनों में ₹16,000 तक की गिरावट ने निवेशकों और कारोबारियों दोनों को हैरान कर दिया है। जिन लोगों ने ऊंचे भाव पर खरीदारी की थी, वे फिलहाल नुकसान की चिंता कर रहे हैं, जबकि नए खरीदार इसे सुनहरा अवसर मान रहे हैं।
अगर पूरे महीने के आंकड़ों पर नजर डालें तो सोने की कीमत में लगभग ₹14,285 तक की गिरावट आ चुकी है। यानी जिन्होंने कुछ सप्ताह पहले ऊंचे दाम देखकर खरीदारी रोक दी थी, उनके लिए यह फैसला फायदेमंद साबित होता दिख रहा है। अब वे पहले की तुलना में काफी कम कीमत पर सोना खरीद सकते हैं। यही वजह है कि ज्वेलरी बाजार में फिर से ग्राहकों की गतिविधियां बढ़ने लगी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में आई कमजोरी का असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, डॉलर की चाल, ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की उम्मीदें और अंतरराष्ट्रीय मांग में बदलाव जैसी कई वजहें कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित करती हैं। जब वैश्विक बाजार में दबाव बढ़ता है तो उसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ता है।
हालांकि बाजार विशेषज्ञ निवेशकों को जल्दबाजी से बचने की सलाह भी दे रहे हैं। उनका कहना है कि सोना और चांदी लंबे समय के निवेश के लिए महत्वपूर्ण संपत्ति माने जाते हैं, लेकिन कीमतों में उतार-चढ़ाव लगातार बना रहता है। इसलिए केवल गिरावट देखकर निवेश का फैसला करने के बजाय बाजार की दिशा और अपनी जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी है।
ज्वेलरी कारोबारियों के अनुसार कीमतों में आई इस कमी का असर शादी-ब्याह और त्योहारों की खरीदारी पर भी पड़ सकता है। जब कीमतें कम होती हैं तो आमतौर पर बाजार में मांग बढ़ जाती है। कई ग्राहक जो लंबे समय से इंतजार कर रहे थे, अब खरीदारी की योजना बना रहे हैं। इससे आने वाले दिनों में सोने और चांदी की बिक्री में तेजी देखने को मिल सकती है।
वहीं कुछ निवेशकों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव जारी रहा तो कीमतों में और गिरावट भी देखने को मिल सकती है। दूसरी ओर, वैश्विक परिस्थितियों में कोई बड़ा बदलाव आते ही सोना और चांदी फिर से तेजी पकड़ सकते हैं। इसलिए बाजार की दिशा को लेकर अभी भी पूरी तरह स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आई है।
फिलहाल इतना तय है कि सोना और चांदी खरीदने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए मौजूदा गिरावट राहत लेकर आई है। चांदी का दो दिनों में ₹16,000 तक टूटना और सोने का एक महीने में ₹14,285 तक सस्ता होना बाजार में बड़ी हलचल का संकेत है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या यह गिरावट आगे भी जारी रहेगी या फिर यही वह मौका है, जब खरीदारों को अपनी खरीदारी पूरी कर लेनी चाहिए? यही सवाल इस समय हर निवेशक और हर ग्राहक के मन में घूम रहा है।
written by :- Anjali Mishra
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